उत्तर प्रदेशलखनऊ

रेशम विभाग की निदेशक ने रेशम विभाग का किया निरीक्षण

औरैया के जिलाधिकारी रह चुके सुनील वर्मा ने पुरानी यादों को किया ताजा

जीटी-70017, राम प्रकाश शर्मा ब्यूरोचीफ औरैया।
12 जून 2023

#औरैया।

जिले में जिला अधिकारी रहे सुनील वर्मा निदेशक रेशम विभाग बनने के बाद पहली बार रविवार को औरैया आये जहां पर उन्होंने पुरानी यादों को साझा कर ताजा किया। श्री वर्मा ने रेशम विभाग का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने रेशम कीट पालन पर विशेष बल दिया। व्यवस्थाओं का सदुपयोग करने के लिए निर्देश दिए। वृक्षारोपण की जानकारी प्राप्त की। रेशम कीट पालन के संबंध में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही निदेशक श्री वर्मा गोपाल सेवा संस्थान एवं पोरवाल सेवा समिति (दिल्ली) के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार उर्फ रमन पोरवाल से मुलाकात कर यादों को ताजा किया। इसके अलावा वह आनेपुर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां पर वह चिर परिचितों से मिले।


रविवार को एक साल बाद राजकीय रेशम फार्म औरैया का निरीक्षण करने आये जिले की पूर्व जिला अधिकारी सुनील कुमार वर्मा रेशम विभाग के निदेशक बनने के बाद पहली बार औरैया रेशम फार्म पहुंचे जहां पर उन्होंने निरीक्षण किया। फार्म के अंदर उन्होंने शहतूत के पौधों का वृक्षारोपण, रेशम कीट पालन, उपकरणों एवं फार्म पर स्थापित रेशम बीजागार को देखा। फार्म पर अधिक से अधिक रेशम कीट पालकों को जोड़ने की व्यवस्था को अधिकतम सदुपयोग करने के निर्देश दिए। सीएसएस के लाभार्थियों के सहित जानकारी एवं उनके द्वारा रेशम कीट पालन किए जाने की जानकारी विभागीय अधिकारियों से प्राप्त की। निदेशक द्वारा एनजीओ को रेशम उत्पादन से जोड़ने के लिए प्रगति की जानकारी की गई तथा रेशम से अधिक से अधिक किसान जुड़े हैं इसके प्रयास करने के निर्देश सहायक निर्देशक रेशम योगेंद्र सिंह को दिए गये। रेशम बीजागार प्रभारी राजेश कुमार गुप्ता, सहायक रेशम विकास अधिकारी से रेशम बीजागार से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रेशम कीटआंड उत्पादन, कोया उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गये। इस अवसर पर सहायक विषम विकास अधिकारी पूजा शर्मा सत्यवीर सिंह के अलावा कार्यालय के समस्त स्टाफ सहित समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इसके बाद वह गोपाल वाटिका के ऑनर रामकुमार उर्फ रमन पोरवाल से मिले जहां पर उनकी विशेष वार्ता हुई। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष व अन्य लोगों द्वारा निदेशक श्री वर्मा का स्वागत सम्मान किया गया।
इसके बाद आनेपुर स्थित वृद्धाश्रम में निराश्रित बुजुर्गों से मुलाक़ात एवं सेवा का अवसर मिला। औरैया ज़िलाधिकारी रहते हुए बच्चों का जन्मदिन, ससुरजी की बरसी जैसे सारे कार्यक्रम यहीं किए एवं त्योहार सपरिवार इन्ही बुजुर्गों के साथ मनाता था। कभी उन्हें परिवार की कमी न महसूस होने दी। आज अपनी मुहबोली अम्मा के लिए रेशम की साड़ी, भिखारी चाचा के लिए रेशम का पयजामा कुर्ता और सबके लिए मिठाई ले आया था। भिखारी चाचा को जो रेडिओ दिया था अभी भी काम कर रहा है। अपनी बच्ची स्तुति जो इनके साथ खेलती थी। उसकी बात विडिओ काल के ज़रिए करवाई। बुजुर्गों के चेहरे की मुस्कान देखते बनती थी।माता-पिता अपना पेट काटकर और सुख सुविधाओं को त्यागकर चार बच्चों को पाल लेते हैं, पर चार बच्चे मिलकर माँ बाप को नहीं पाल पाते। उनके अंतिम समय जब उन्हें सबसे ज़्यादा परिवार की ज़रूरत होती है, बच्चे उन्हें ठोकर खाने को छोड़ देते हैं।अगर अपना बुढ़ापा बुरा नहीं देखना तो वक्त निकालकर बच्चों के साथ ऐसे वृद्धाश्रम में ज़रूर जाएँ ताकि सोशल मीडिया में आभासी ज़िंदगी जीने वाले बच्चे कुछ अच्छे संस्कार सीख पाएँ।

Global Times 7

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