मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान:- डीएम की बैंकर्स को कड़ी चेतावनी, 3 फरवरी तक लंबित आवेदनों के निस्तारण के निर्देश

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व्यूरो रिपोर्ट डेस्क
कानपुर / लखनऊ।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की सुस्त प्रगति पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने ऋण स्वीकृति और वितरण में देरी पर बैंक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लक्ष्य और वर्तमान स्थिति
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, कानपुर जनपद के लिए निर्धारित 4,000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक कुल 5,380 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें से:
2,168 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है।
2,120 मामलों में ऋण का वितरण हो चुका है।
1,006 आवेदन अभी भी स्वीकृति के लिए लंबित हैं।
254 आवेदन ऋण वितरण के स्तर पर अटके हुए हैं।
डीएम के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि आवेदकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी है, तो सीधे आवेदक से संपर्क कर उसे तत्काल पूरा कराएं। उन्होंने सभी बैंकर्स को 3 फरवरी, 2026 तक हर हाल में सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने की अंतिम समयसीमा (डेडलाइन) दी है।
जवाबदेही तय होगी
डीएम ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के बाद यदि कोई मामला लंबित पाया गया, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होगी और इसकी रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है, अतः इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह और लीड जिला प्रबंधक (LDM) आदित्य कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
व्यूरो रिपोर्ट~ आलोक मिश्रा






