नन्हे भविष्य को संवारने की प्रेरणादायी पहल

— पावरग्रिड के अधिकारी अभिशेख पाण्डेय का प्रेरणादायी सामाजिक योगदान।
*ग्लोबल टाईम्स 7 न्यूज नेटवर्क टीम औरैया उप्र. स्टेट हेड संपादक डा. धर्मेन्द्र गुप्ता*
पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड, औरैया कार्यालय में कार्यरत अभिशेख पाण्डेय पुत्र स्वर्गीय पंडित कैलाश बिहारी पाण्डेय, निवासी—छिबरामऊ, जनपद कन्नौज, वर्तमान निवासी एनटीपीसी कालोनी, दिबियापुर, ने अपनी नियमित ड्यूटी के दौरान सामाजिक सरोकार का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने अपने निजी संसाधनों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को पढ़ाई हेतु कॉपियां, पेंसिल, रबर आदि शैक्षिक सामग्री का वितरण कर यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची समाजसेवा पद, प्रतिष्ठा या समय की मोहताज नहीं होती, बल्कि वह संवेदनशील मन और सकारात्मक सोच से जन्म लेती है।
पाण्डेय द्वारा पावरग्रिड में ट्रांसमिशन लाइन में अपनी ड्यूटी के दौरान जहाँ-जहाँ गाँव से होकर लाइनें गुजर रहीं है वहाँ यह सामग्री विशेष रूप से उन बच्चों को प्रतिदिन वितरित की जाती है, जो आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई के आवश्यक साधनों से वंचित रहते हैं। शैक्षिक सामग्री प्राप्त करते ही बच्चों के चेहरों पर जो खुशी और उत्साह देखने को मिला, वह इस बात का प्रमाण था कि छोटी-सी मदद भी किसी के जीवन में बड़े परिवर्तन की शुरुआत बन सकती है। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने की इच्छा व्यक्त की और नियमित विद्यालय जाने का संकल्प भी लिया।
उल्लेखनीय है कि अभिशेख पाण्डेय ने यह कार्य किसी औपचारिक कार्यक्रम या प्रचार की भावना से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना के तहत किया। उन्होंने अपने कार्यस्थल के आसपास और मार्ग में मिलने वाले बच्चों की आवश्यकताओं को समझते हुए यह कदम उठाया। वह अपने वेतन से एक निश्चित धनराशि निकालकर उसी से यह कार्य करते है इसके लिए उन्हें कोई सरकारी सहायता नहीं प्राप्त है | आज के समय में जब शिक्षा के अभाव में अनेक बच्चे मुख्यधारा से दूर हो जाते हैं तब श्री पाण्डेय का मानना है कि यदि बच्चे आज शिक्षित होंगे, तभी आने वाला कल सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा।
स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों तथा सहकर्मियों ने श्री पाण्डेय के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के कर्मचारी द्वारा इस प्रकार का सामाजिक कार्य संस्था की सकारात्मक छवि को और अधिक मजबूत करता है।
इस कार्य के दौरान अभिशेख पाण्डेय का मानना है कि,
“बच्चों के हाथ में किताब और कलम देना, उन्हें जीवन की सही दिशा देने के समान है। यदि हम सब अपने आसपास के बच्चों की थोड़ी-सी भी मदद करें, तो समाज में शिक्षा का स्तर स्वतः ही ऊंचा उठेगा।”
“शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है। यदि हम सभी अपने सामर्थ्य के अनुसार बच्चों की मदद करें, तो देश का भविष्य और भी सशक्त होगा।”
पाण्डेय का यह कथन समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है। आज आवश्यकता इस बात की है कि अधिक से अधिक लोग आगे आकर ऐसे पुनीत कार्यों में सहभागिता करें, ताकि कोई भी बच्चा केवल साधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।
निस्संदेह, अभिशेख पाण्डेय की यह पहल न केवल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक सशक्त कदम है, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों, संवेदना और सेवा भावना को पुनर्जीवित करने वाला प्रयास भी है। इस मानवीय और प्रेरक कार्य के लिए अभिशेख पाण्डेय निश्चय ही बधाई के पात्र हैं। उनका यह कार्य अन्य कर्मचारियों, युवाओं और समाजसेवियों के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो आने वाले समय में व्यापक जनभागीदारी को प्रेरित करेगा। उनका यह प्रयास अन्य कर्मचारियों एवं समाज के लोगों के लिए भी प्रेरणा है कि वे आगे आकर शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अपना योगदान दें, ताकि नन्हे कदम मजबूत सपनों की ओर बढ़ सकें।
अभिशेख पाण्डेय






