उत्तर प्रदेश

उन्नाव के असरेखेड़ा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य दंगल का आयोजन।

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ग्लोबल टाइम्स 7
न्यूज़ नेटवर्क
उन्नाव ब्यूरो
फुन्नी त्रिपाठी

उन्नाव जनपद के सुमेरपुर विकासखंड के ग्राम असरेखेड़ा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मां आनंदी देवी मंदिर प्रांगण के समीप एक भव्य मेले और दंगल का आयोजन किया गया। यह दंगल लगभग 100 वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है, जो ग्रामीण संस्कृति और खेल भावना का प्रतीक है। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय लोगों को एकत्रित किया, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से आए पहलवानों और दर्शकों को भी आकर्षित किया। मेले में कुश्ती के रोमांचक मुकाबलों के साथ-साथ खिलौनों, सब्जियों, फलों और अन्य सामग्रियों की दुकानों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। इस वर्ष के दंगल में सबसे खास आकर्षण रहे क्षेत्र के सबसे वयोवृद्ध पहलवान धुन्नी पहलवान ओसियां, जिन्होंने अपनी कुश्ती से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी उपस्थिति और प्रदर्शन ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। धुन्नी पहलवान ने न केवल कुश्ती लड़ी, बल्कि अपनी अनुभवी शैली से युवा पहलवानों को प्रेरित भी किया। दंगल में आए अन्य पहलवानों ने भी अपनी कुशलता और ताकत का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को उत्साह से भर दिया। प्रत्येक मुकाबले में पहलवानों ने अपनी तकनीक और जोश का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। दंगल के सफल आयोजन में निर्णायकों की भूमिका अहम रही। भोला प्रसाद (असरेखेड़ा), श्याम सुंदर सिंह (फत्तेपुर), और नवल मिश्रा (मवैया) ने अपनी अनुभवी नजरों से निष्पक्ष और सूझबूझ भरे निर्णय दिए। इन तीनों निर्णायकों का लंबा अनुभव इस दंगल की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बढ़ाने में सहायक रहा। दर्शकों और आयोजकों ने उनके निर्णयों की सराहना की, जिसने प्रतियोगिता को और भी पारदर्शी और रोचक बनाया। इस दंगल के आयोजन में प्रबंधक योगेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष रमेश प्रताप सिंह और समिति के अन्य सदस्योंकृरमेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, मोनू सिंह, अनमोल सिंह, अतुल सिंह, राम बहादुर सिंह, और बसंत सिंहकृ आदि अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन सभी ने मिलकर आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आयोजन समिति की मेहनत और समर्पण ने इस दंगल को एक भव्य उत्सव का रूप दिया, जिसमें ग्रामीण परंपराओं का सम्मान और आधुनिक संगठन का समन्वय देखने को मिला। इस अवसर पर समाजसेवी शिववीर सिंह और पुष्प फाउंडेशन के अध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामय बनाया। शिववीर सिंह ने पुष्पेंद्र प्रताप सिंह का ईश्वर की प्रतिमा भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया, जो सामाजिक एकता और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने भी आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों की प्रशंसा की और इसे ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मेले में कुश्ती के अलावा विभिन्न दुकानों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। खिलौनों की दुकानों पर बच्चों की भीड़ उमड़ी, जबकि सब्जियों और फलों की दुकानों ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया। मेले का माहौल उत्साहपूर्ण और रंगारंग था, जहां ग्रामीण और शहरी संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि सामुदायिक एकता और परंपराओं को जीवंत रखने का भी माध्यम रहा। यह दंगल और मेला असरेखेड़ा गांव की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, जो हर वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल खेल और मनोरंजन का अवसर प्रदान करता है, बल्कि सामाजिक समरसता और ग्रामीण परंपराओं को भी मजबूत करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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