औरैया में परशुराम जयंती का भव्य आयोजन, ऐतिहासिक शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

*जीटी 7 डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क टीम औरैया कानपुर मंडल टीम औरैया, रिपोर्ट राम प्रकाश शर्मा।*
*औरैया।* भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर जनपद में आस्था, उत्साह और सामाजिक एकता का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। ब्राह्मण महासभा एवं परशुराम सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई विशाल शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया।शोभायात्रा का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद सजे-धजे रथों, झांकियों और बैंड-बाजों के साथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। यात्रा में भगवान परशुराम का भव्य और आकर्षक रथ मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। . इस दौरान हजारों की संख्या में विप्र समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं और युवा शामिल हुए। पूरे मार्ग में “जय-जय परशुराम” और “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से ब्राह्मण स्वाभिमान के प्रमुख चेहरे, ग्वालियर हाईकोर्ट बार के पूर्व एसोसिएशन अध्यक्ष एवं यूजीसी कानून विरोध के नेतृत्वकर्ता पंडित अनिल मिश्रा एडवोकेट की उपस्थिति रही। उन्होंने समाज को एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख चेहरे भी इस आयोजन में शामिल हुए। सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता लालजी शुक्ला, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता सहित विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। शोभायात्रा का नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। खासतौर पर समाजवादी नेता लालजी शुक्ला द्वारा समर्थकों के साथ किया गया स्वागत चर्चा का केंद्र बना रहा। नगर पालिका परिषद के सामने अध्यक्ष अनूप गुप्ता द्वारा भगवान परशुराम का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया, साथ ही ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों का माल्यार्पण कर सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष नीरज चौधरी, परशुराम सेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष के.के. चतुर्वेदी, राजमणि त्रिपाठी उर्फ लल्ला, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजकुमार दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। युवाओं की भागीदारी ने आयोजन में नई ऊर्जा भर दी। आशीष चौबे उर्फ सिंटू भैया, आदर्श चतुर्वेदी उर्फ लकी, शिवगोपाल दुबे, अंकुर त्रिपाठी, रजत मिश्रा समेत बड़ी संख्या में युवाओं ने पूरे जोश के साथ भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। समापन पर यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी सशक्त संदेश दे गया।






