लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज को लेकर जिलाजजी में रही हड़ताल

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औरैया जनपद से डा. धर्मेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
लाठीचार्ज के विरोध में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
*औरैया राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को जिला जजी में अधिवक्ताओं ने पूर्ण रूप से न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर हड़ताल की। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग उठाई।
बताया जाता है कि लखनऊ में नगर निगम द्वारा सड़क किनारे बने अधिवक्ताओं के चैंबरों को अतिक्रमण बताते हुए जेसीबी मशीन से हटाया जा रहा था। इस कार्रवाई का अधिवक्ताओं ने विरोध किया तो मौके पर मौजूद पुलिस बल और अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई वरिष्ठ अधिवक्ता घायल हो गए। घटना के बाद लखनऊ बार के अधिवक्ताओं ने प्रदेश भर के वकीलों से समर्थन की अपील की थी।
इसी क्रम में जिला जजी के अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए न्यायिक कार्य से खुद को विरत रखा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि अधिवक्ताओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हड़ताल के चलते जिला जजी में कई मुकदमों की सुनवाई प्रभावित रही और न्यायिक कार्य आंशिक रूप से ठप नजर आया। पूरे दिन न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर गहमागहमी का माहौल बना रहा। धरना प्रदर्शन में इंद्रपाल सिंह भदौरिया, अजय पाल सिंह, शिवम शर्मा, अभिषेक शुक्ला, कुलदीप दुबे, अतेंद्र पांडे, सुनील दुबे, संजीव चतुर्वेदी, धीरेंद्र शुक्ला, अनुराग त्रिपाठी, मंजुल मिश्रा, विकास त्रिपाठी, अनूप श्रीवास्तव, अमित तिवारी, आलोक अवस्थी, दिनेश चौहान, विवेक मिश्रा, आशीष दीक्षित, रजत दुबे, पंकज त्रिपाठी, राहुल अवस्थी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।




