तीसरे युवक की भी इलाज के दौरान हुई मौत, शव पहुंचा गांव तो मचा कोहराम

*यमुना तट पर किया गया दाहसंस्कार*
*कारगिर घूमने गये थे चार दोस्त जहां हुए थे हादसे के शिकार*
*जीटी-7, डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क टीम औरैया कानपुर मंडलब्यूरो रिपोर्ट रामप्रकाश शर्मा। 21 जनवरी 2025*
*#अजीतमल,औरैया।* श्री नगर के कारगिल जनपद अंतर्गत शिलीकीची क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में क्षेत्र के जहा दो युवकों की मौत हो गयी थी, तथा दो युवक घायल हुए थे। घायल युवकों में कमल उर्फ सीटू 20 वर्ष की इलाज के दौरान मौत हो गयी। मृतक कमल उर्फ सीटू का शव गांव जैनपुर भीखेपुर पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार यमुना नदी के तट पर जाकर किया। अंतिम संस्कार के समय क्षेत्र के सैकड़ो लोंग रहें।
अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के शेखूपुर गाँव निवासी नकुल सिंह तोमर पुत्र अखंड प्रताप सिंह बीते आठ दिन पहले बाबरपुर कस्बे के मुहल्ला विद्या नगर निवासी अपने दोस्त ऋषि दुबे को वैष्णो देवी जाने की बात कहकर उसकी स्कार्पियो मांगकर ले गया था। स्कार्पियो में उसने अपने दोस्तों क्षेत्र के जैनपुर गाँव निवासी सीटू उर्फ कमल पुत्र रामसिंह व क्षेत्र के बहादुरपुर ऊँचा गांव निवासी शिवम सविता (25 वर्ष) पुत्र गिरजा शंकर को साथ लेकर नोएडा पहुंचा। जहाँ उसने नोएडा रह रहे क्षेत्र के जैनपुर गाँव निवासी गोलू (20 वर्ष) पुत्र प्रदीप को भी साथ मे ले लिया। चारों लोग सोमवार को जम्मू से कारगिल के लिए निकल गयें। सिलीकीची क्षेत्र में सामने से आ रहे किसी वाहन से उनकी स्कार्पियो की टक्कर हो गई। दोनों वाहन कई फीट गहरी खाई में जा गिरे थे। जिसमें शिवम सविता एवं गोलू की मौके पर ही मौत हो गयी थी तथा नकुल और कमल उर्फ सीटू का इलाज श्रीनगर के अस्पताल में चल रहा था, जहां पर बीते रविवार को जैनपुर भीखेपुर निवासी कमल उर्फ सीटू की भी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।
सोमवार की देर शम कमल का शव उसके गॉंव जैनपुर भीखेपुर पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। कमल अपने एक भाई और दो बहनों में सबसे छोटा पुत्र था। बहनों की शादी हो गयी थी। कमल के पिता रामसिंह मजदूरी कर अपना परिवार चलाते हैं, जिनका कमल अभी सहारा बना था। मृतक की मॉं प्रेमा देवी ने रोते हुए बताया कि उसने बेटे को बहुुत रोका कि घूमन मत जाओ लेकिन वह नही माना और दोस्तों के साथ घूमने जाने की बात कहकर पिछले रविवार को घर से निकल गया था, लेकिन लौटकर वापिस नही आया। परिजनों ने यमुना के तट पर शव का अतिम संस्कार किया। जहां पर क्षेत्र के सैकड़ो लोग नम आंखों के साथ रहें।






