उत्तर प्रदेशलखनऊ

भुवनेश्वर साहित्य विकास परिषद पनई कवि सम्मेलन जिसने इतिहास रचा

ग्लोबल टाइम 7
न्यूज़ नेटवर्क
उन्नाव
फुन्नी त्रिपाठी

उन्नाव तहसील बीघापुर पाटन भावरेश्वर साहित्य विकास परिषद पनई बुजुर्ग उन्नाव का कवि सम्मेलन एक इतिहास रचकर सम्पन्न हुआ। ओमप्रकाश अज्ञात की अध्यक्षता तथा डा राहुल अवस्थी के संचालन में हुए इस कवि सम्मेलन ने अपनी गहरी छाप छोड़ी।
प्रमुख अतिथि रहें विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान दंपति तथा जिला पंचायत अध्यक्षा शकुन सिंह तथा शशांक शेखर जीप्रत्येक कवि वा अतिथियों को मंच तक बग्घी में बैठकर लाया गया।
पूरे कवि सम्मेलन में एक भी लतीफा नही पढ़ा गया।सभी कवियो ने इतना बेहतरीन पढ़ा कि एक भी बार घंटी बजाने की नौबत नहीं आई।वर्षीय बाल कवि राम जी ने भी खूब जलवा बिखेरा।कवियो अतिथियों तथा निर्भीक प्रकार कृष्ण कुमार सिंह ,अंग्रेजी उपन्यासकार सरस आजाद,योगेश बाजपेई चिकित्सक डा.शत्रुघ्न यादव आदि का इतना शानदार अभिनंदन किया गया कि लोग बाग बाग हो उठे।.पूरी रात गन्ने का रस वा दही का आनंद लोगो ने उठाया।
पनई बुजुर्ग में लगभग ८० जवान सेना पुलिस या पी ए सी में है लगभग ६० जवान श्रोता के रूप में भारत माता का जयकारा बीच बीच में लगाते रहे।
प्रमोद पंकज वा जगजीवन के लोक गीत बहुत सराहे गए।
.रुचि दिवेदी ,नवोदित कवि अजय अक्षत को पुनर्वार सुना गया।अर्जुनसिंह चांद पूरे मंच के हीरो रहे। राहुल।अवस्थी ने विशिष्ट कोटि की रचनाएं पढ़कर समा बांधी तो सुरेश फक्कड़ ने नवी रसो की येक येक कविता पढ़ी।श्रोताओं की ओर से पत्रकार सुरेश गुरु ने जानदार काब्यपाठ किया। अध्यक्ष जी ने अपनी गहरी छाप छोड़ी।
कुल मिलाकर इस आयोजन ने सिद्ध कर दिया की आज भी बिना मसखरी लफ्फाजी द्विअर्थी संवाद केभी बेहतरीन कवि सम्मेलन हो सहता है।

Global Times 7

Related Articles

Back to top button