उत्तर प्रदेशलखनऊ

मु्ख्य विकास अधिकारी ने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा कर किया रवाना।

मु्ख्य विकास अधिकारी ने किसानो का पराली न जलाने हेतु जागरूक करने वाले प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा कर किया रवाना।

ग्लोबल टाइम्स-7
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न्यूज नेटवर्क
अनूप गौङ
जिला संवाददाता
कानपुर देहात

कानपुर देहात
26 अक्टूबर 2023

मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन द्वारा उप कृषि निदेशक रामबचन राम, अपर जिला कृषि अधिकारी प्रतिष्ठा यादव आदि की उपस्थिति में किसानो का पराली न जलाने हेतु जागरूक करने तथा पराली जलाने पर दोषी व्यक्ति के विरूद्ध निर्धारित अर्थदण्ड की कार्यवाही के सम्बन्ध में किसानों को जागरूक करने हेतु प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया।
उनके द्वारा बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन के मार्ग निर्देशन में जिला प्रशासन जनपद में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम हेतु व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जहां एक ओर होर्डिंग बैनर, प्रचार वाहन, प्रेस विज्ञप्तियों, किसान पाठशालाओं, न्याय पंचायत स्तरीय गोष्ठियों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर चैपाल आयोजित कर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसानों एवं पराली जलाने में दोषी पाए जाने पर होने निर्धारित अर्थदंड की कार्रवाई के संबंध में व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर पराली जलाने में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध अर्थ दंड की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। फसल अवशेष/पराली जलाने से जहाॅ एक ओर पर्यावरणीय क्षति, मृदा स्वास्थ्य एवं मित्र कीटों पर कुप्रभाव पडता है वही दूसरी ओर फसलों एवं ग्रामों में अग्निकाण्ड होने की भी सम्भावना होती है। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के तापमान में वृद्धि होने से मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पडता है, मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीव नष्ट होते है जिससे जीवांश के अच्छी प्रकार से सडने में भी कठिनाई होती है। पौधे जीवांश से ही पोषक तत्व लेते है तथा इससे फसलों के उत्पादन में मा0 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फसल अवशेष जलाये जाने पर पूर्णतः रोक लगाते हुए इस दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा है तथा यदि किसी व्यक्ति द्वारा फसल अवशेष/पराली जलाने की घटना घटित की जाती है तो मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा-24 एवं 26 के अन्तर्गत उसके विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रु0 2500/- प्रति घटना, 02 से 05 एकड़ के लिए रु0 5000/- प्रति घटना और 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रु0 15000/- प्रति घटना की दर से अर्थदण्ड वसूले जाने का प्राविधान है।
अतः समस्त सम्मानित किसान भाईयों से अनुरोध है कि फसल अवशेष/पराली कदापि न जलायें।

Global Times 7

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