पुलिस कस्टडी में पिटाई के दौरान युवक की मौत

शव गांव लाकर परिजनों सहित ग्रामीणों ने जम कर काटा हंगामा
ग्लोबल टाइम्स 7 न्यूज़ नेटवर्क
शिव शंकर पाण्डेय
14दिसम्बर
कानपुर देहात।
शिवली क्षेत्र में एक लूट की घटना को लेकर पुलिस द्वारा उठाए गए युवक की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई ।जिसको लेकर पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस प्रशासन पर मौत का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा काटा। जहां 9 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्यवाही तथा पांच पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद मृतक परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए तथा देर शाम शव को घर पर रख सुबह मुख्यमंत्री को बुलाने को लेकर परिजनों ने फिर से हंगामा काटना शुरू कर दिया। हंगामे की भनक लगते ही जिलाधिकारी नेहा जैन पुलिस अधीक्षक सुनीति अपर पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया एडीएम केशव गुप्ता सहित आला अधिकारी सरैया लालपुर गांव पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन परिजन सहित आक्रोशित गांव की महिलाएं पुरुष पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी कर हंगामा काटने लगे। जहां डीएम द्वारा चार लाख रुपए की चेक, 4 बीघा भूमि पट्टा एवं मुख्यमंत्री आवास सहित शिक्षा के अनुरूप मृतक पत्नी को सरकारी नौकरी वृद्ध माता-पिता को वृद्धा पेंशन व घटना की एसआईटी टीम द्वारा निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने का आश्वासन मिलने पर परिजन शांत हुए।
बताते चलें कि शिवली क्षेत्र के सरैया लालपुर गांव के रहने वाले व्यापारी चंद्रभान सिंह के साथ बीते 6 दिसंबर को देर रात दो युवक बाइक सवारों ने आंखों में मिर्ची का पाउडर झोंक कर व्यापारी से करीब दो लाख रुपए की लूट की घटना को अंजाम दिया था। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और शीघ्र खुलासा करने का दम भरने लगी ।जहां चार-पांच दिन के बाद पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में पूछताछ कर कार्रवाई में जुट गई। जिसमें मृतक युवक बलवंत सिंह भी था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की बर्बरता के चलते बलवंत की मौत हो गई है और पुलिस परिजनों को गुमराह करती रही और उसे पता ही नहीं लगने दिया और शव को पोस्टमार्टम भेज दिया। पुलिस मामले को दबाने का प्रयास करती रही जिसको लेकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हंगामा काटने लगे और आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करने पर अड गए ।जिस पर एसपी ने 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया और 5 के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा लिखने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। जहां देर शाम शव को गांव में लाकर सुबह फिर हंगामा करने लगे। हंगामे की भनक लगते ही जिले के आला अधिकारी गांव पहुंच गए। जिलाधिकारी नेहा जैन, एसपी सुनीति, एडीएम केशव गुप्ता, एएसपी घनश्याम चौरसिया, एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत करने का प्रयास करने लगे लेकिन गांव की आक्रोशित महिलाएं पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। जहां सांसद भोले सिंह की काफी मशक्कत करने के बाद लोग शांत हुए। जिला प्रशासन द्वारा मृतक पत्नी के नाम चार लाख रुपए की चेक मृतक के चाचा अंगद सिंह को सौंपी गई ।वहीं 4 बीघा भूमि पट्टा ,मुख्यमंत्री आवास का आश्वासन सहित शिक्षा के अनुरूप मृतक पत्नी को सरकारी नौकरी का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजकर कराने का आश्वासन दिया गया ।साथ ही साथ वृद्ध माता-पिता को वृद्धा पेंशन व मृतक पत्नी को विधवा पेंशन और घटना की एसआईटी टीम द्वारा जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का भरोसा मिलने पर लोग शांत हुए और परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार करने के लिए बिठूर घाट कानपुर ले गए।






