आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर कंचौसी में उमड़ा जनसैलाब,
‘भव्य हिंदू सम्मेलन’ में समाजशक्ति का प्रकटीकरण।

ग्लोबल टाईम्स 7 न्यूज नेटवर्क टीम कंचौसी कानपुर देहात उप्र. स्टेट हेड संपादक डा. धर्मेन्द्र गुप्ता
कंचौसी बाजार, कानपुर देहात | 1 फरवरी 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज कंचौसी बाजार स्थित श्री गंगा धाम गेस्ट हाउस में समस्त हिंदू समाज के सहयोग से एक ‘भव्य हिंदू सम्मेलन’ का सफल आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों स्वयंसेवकों और नागरिकों ने सहभागिता कर सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संकल्प लिया।
प्रमुख सानिध्य और अतिथि:
कार्यक्रम की अध्यक्षता आपातकाल के संघर्षों के साक्षी और वरिष्ठ स्वयंसेवक रविकांत सिंह जी राजावत ने की। मुख्य अतिथि के रूप में विख्यात लेखक एवं ‘के.एम. मुंशी पुरस्कार’ प्राप्त मुनीश जी उपस्थित रहे। आध्यात्मिक ऊर्जा के रूप में कानपुर वाले संत श्रद्धेय प्रदीप मिश्रा जी के आशीर्वचन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ समाजसेविका कल्पना पाल जी ने किया।
विमर्श के मुख्य बिंदु:
सम्मेलन के दौरान पांच प्रमुख विषयों पर विस्तृत विमर्श किया गया:
सामाजिक समरसता: जातिगत भेदों से ऊपर उठकर एकसूत्र समाज का निर्माण।
पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति की रक्षा के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास।
कुटुंब प्रबोधन: पारिवारिक मूल्यों को सहेजने और नई पीढ़ी को संस्कारित करने पर जोर।
‘स्व’ का बोध: अपनी भारतीय संस्कृति और गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना।
नागरिक कर्तव्य: राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन।
संगठनात्मक उपस्थिति:
शताब्दी वर्ष के इस उत्सव को सफल बनाने में नगर और खंड की टोली का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की योजना रचना में खंड कार्यवाह देव सिंह जी, खंड प्रचारक अमित जी, बौध्दिक प्रमुख राम जी और नगर प्रमुख अजीत जी ने क्षेत्र वासियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिनमें जिला संघचालक मा. राम लखन जी, जिला कार्यवाह राकेश जी, जिला प्रचारक धीरेन्द्र जी, जिला सह-कार्यवाह अनिरुद्ध जी, खंड झींझक के पालक व जिला संपर्क प्रमुख बृजेंद्र जी तथा जिला प्रचार प्रमुख सदाशिव द्विवेदी जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100 वर्षों की यात्रा पूर्ण कर समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर राष्ट्र परम वैभव की ओर अग्रसर है। समस्त हिंदू समाज के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन ने कंचौसी में एकात्मता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।






