पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की बढ़ीं मुश्किलें, DSGMC–HSGMC की शिकायतों से घिरीं; BJP ने गिरफ्तारी की मांग की

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नई दिल्ली:
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) ने आतिशी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने भी श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर में शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) और आतिशी पर तीखा हमला बोला है।
DSGMC ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2025 में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इसी क्रम में दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम और 6 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा में नियम 270 के तहत हुई विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष की नेता आतिशी ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को लेकर आपत्तिजनक और निंदनीय टिप्पणियां कीं, जिससे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। समिति ने इसे गंभीर मामला बताते हुए आतिशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि “हमारे गुरुओं के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी को सिख समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
विधानसभा में भारी हंगामा
बुधवार को दिल्ली विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत पर विशेष चर्चा के दौरान BJP विधायकों ने आतिशी की टिप्पणियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बार-बार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः दिन भर की कार्यवाही रोक दी गई। BJP ने आतिशी की गिरफ्तारी तक की मांग कर दी।
इसके जवाब में आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि BJP इस विवाद के जरिए दिल्ली के वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर होने वाली बहस से ध्यान भटकाना चाहती है।
आतिशी का जवाब
आतिशी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियां प्रदूषण और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर BJP के रवैये को लेकर थीं। आतिशी का आरोप है कि BJP ने जानबूझकर वीडियो में गलत सबटाइटल जोड़कर गुरु तेग बहादुर साहिब जी का नाम शामिल किया, ताकि विवाद खड़ा किया जा सके।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।






