इग्नू के नव प्रवेशित छात्रों के बीच परिचय सत्र का आयोजन

ग्लोबल टाइम्स-7
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न्यूज नेटवर्क
अनूप गौङ
जिला संवाददाता
कानपुर देहात
पुखरायां
कस्बा स्थित रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां कानपुर देहात मे आज जुलाई 2023 सत्र में इग्नू में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का परिचय सत्र आयोजित किया गया जिसकी मुख्य अतिथि इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ की सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ रीना कुमारी ने छात्र-छात्राओं के मध्य शिक्षा के क्षेत्र में इग्नू के योगदान पर चर्चा की उन्होंने कहा कि शिक्षा के अभाव में विकसित राष्ट्र की कल्पना अधूरी है,इग्नू का उद्देश्य बिना भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लोगों को उच्च शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है। इग्नू 21 विद्यापीठों के माध्यम से मानविकी ,कानून विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, शिक्षा, सतत शिक्षा ,कंप्यूटर ,कृषि ,स्वास्थ्य शिक्षा ,पत्रकारिता से संबंधित पाठ्यक्रमों का संचालन करता है। डिजिटल इंडिया के सपनों को साकार करने के लिए इग्नू ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रवेश, ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की सुविधा प्रदान की है।डॉ रीना ने छात्रों से अनेक बिंदुओं पर दूरस्थ शिक्षा प्रणाली एवं इग्नू नियमावली के बारे में विस्तार से चर्चा किया, छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर छात्र को अपना कार्यक्रम न्यूनतम समय से पूर्ण करना चाहिए एवं जब तक अत्यंत आवश्यकता ना हो कार्यक्रम की अवधि को लंबित नहीं करना चाहिए छात्रों को यह भी सलाह दी कि वह अपने अध्ययन केंद्र पर आयोजित परामर्श सत्रों में अपनी उपस्थिति अवश्य निश्चित करें जिससे अध्ययन में आ रही कठिनाइयों का समाधान अध्ययन केंद्र पर उपलब्ध परामर्शदाता कर सकें ,परिचय सत्र के दौरान सत्रीय कार्य को पूरा करने से संबंधित दिशा निर्देशों पर भी चर्चा की इग्नू एक ऐसा विश्वविद्यालय है जो कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है।
मेरी माटी मेरा देश एवं खादी पर व्याख्यान देते हुए डॉ हरीश कुमार सिंह ने कहा कि खादी वस्त्र उत्पादन के क्षेत्र में भारत प्राचीन काल से अग्रणी रहा है किंतु महात्मा गांधी जी ने खादी को साम्राज्यवादी नीति के विरुद्ध प्रयुक्त किया। डॉ हेमेंद्र सिंह ने खादी को युवाओं तक पहुंचाने की वकालत की और खादी की विशेषताओं का वर्णन किया कहां की स्वतंत्रता आंदोलन में जहां एक ओर ब्रिटिश हुकूमत से निपटने के लिए राष्ट्र के एकीकरण की आवश्यकता थी वही श्रम बल को लगाना भी आव्श्य्क् था प्राचार्य प्रो रामेश्वर प्रसाद चतुर्वेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि खददर से खादी और फिर वैश्विक स्तर पर आज भारतीयता की पहचान के रूप में खादी को जाना जाता है प्राचार्य जी ने युवाओं को खादी के वस्त्र को अपनाने की सलाह दी। मंत्री प्रबंधक प्रकाश द्विवेदी जी ने महाविद्यालय की पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय स्वर्गीय बाबू रामस्वरूप गुप्त एवं पंडित विशंभर नाथ द्विवेदी जी के अथक प्रयासों का प्रतिफल है छात्र छात्राओं के बीच उनके योगदान को संस्मृत करते हुए दोनों विभूतियों को नमन किया। अतिथियों के प्रति पूर्व प्राचार्य प्रो मुकेश चंद्र द्विवेदीं ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन इग्नू अध्ययन केंद्र के समन्वय डॉ पर्वत सिंह ने किया तथा डॉ अंशुमन उपाध्याय ने 2 अक्टूबर विश्व अहिंसा दिवस पर पोस्टर प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया जिसमें प्रतिभा सिंह यादव ,रोहन यादव, अलीशा उमम, मुस्कान ,अविका, हर्षिता, महक मित्तल ,कन्हैया ,श्रीकांत आदि को शुभकामनाएं दी। पर्वत सिंह ने 26 अक्टूबर 1890 को जन्मे स्वतंत्रता सेनानी समाजसेवी और पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी को याद किया तथा उनकी याद को सफल बनाने के लिए पत्रकारिता जगत से जुड़े हुए श्री अनिल द्विवेदी, डॉ अनूप सचान, श्री सुनील शुक्ला ,श्री अनूप गौड़, श्री श्याम ,श्री प्रेम शंकर ,आदि को मंच के माध्यम से सम्मानित कराया। इस अवसर पर डॉ निधि अग्रवाल, श्री गिरीश खान ,डॉ रमणीक श्रीवास्तव, श्री संजय कुमार, श्री आशीष कुमार, श्री इंद्रजीत एवं अनेक छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं द्वारा अपने-अपने घरों से लाई हुई मिट्टी एवं चावल को घड़े के पात्र में दान कर राष्ट्र निर्माण के लिए इग्नू को समर्पित किया।






