अधिकारियों से बिना व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की उपस्थिति में जांच ना कराएं व्यापारी -संतोष सिंह चौहान

बांट माप के लिए आने वाले
अधिकारियों से बिना व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की उपस्थिति में जांच ना कराएं व्यापारी -संतोष सिंह चौहान
ग्लोबल टाइम्स 7 न्यूज़ नेटवर्क जिला इटावा ब्यूरो चीफ बृजेश पोरवाल
इटावा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पास जनपद के व्यापारियों से आ रही है शिकायतें की बाट माप अधिकारी बनकर कुछ लोग व्यापारियों का जांच के नाम पर उत्पीड़न कर रहे हैं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान एवं नगर अध्यक्ष ओमरतन कश्यप ने संयुक्त रूप से एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि व्यापारी किसी भी बांट माप अधिकारी के आने पर यह सुनिश्चित करने की वह बाट माप विभाग के अधिकारी हैं या नहीं यदि बाट माप विभाग से आए हुए अधिकारी कर्मचारी आपसे जबरिया किसी जांच करने लगे तो उनसे कहे कि व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को बुला लीजिए उनके सामने ही जांच की जाएगी
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि बाट/माप विभाग के अधिकारी श्री नरेश चंद्र व विकास त्रिपाठी है,मात्र उन्ही को व्यापारी के परिसर में प्रयोग किये जाने वाले माप तौल उपकरण व पैकेट बंद वस्तुओं की जांच करने का अधिकार है,
2.व्यापारियों को पूर्ण अधिकार है कि वो जांचकर्ता अधिकारी की पुष्टि कर सके।
3.माप तौल उपकरणों की मरम्मत व उनके सत्यापन संबंधी प्रक्रिया में सहयोग हेतु विभाग द्वारा लाइसेंस धारकों को नियुक्त किया गया है,मात्र उनको ही उपकरणों की मरम्मत का अधिकार है,व्यापारी बंधु यह सुनिश्चित कर ले कि जिनसे वो उपकरणों की मरम्मत कार्य करवा रहे है,उनके पास लाइसेंस है या नही।
4.किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति से माप तौल उपकरणों की मरम्मत न कराए।
5.जिस लाइसेंस धारक से व्यापारी कार्य करवाये उससे उसकी आर्डर बुक की रसीद मिलने के पश्चात ही भुगतान करें।साथ ही लाइसेंस धारक की आर्डर बुक विभाग द्वारा सत्यापित की जाती है(आर्डर बुक के प्रत्येक पृष्ठ के पीछे सत्यापन अधिकारी का हस्ताक्षर होता है)
6.मरम्मत व सत्यापन कार्य व्यापारी व लाइसेंस धारक की सहमति से ही होता है।व्यापारी अपनी सुविधानुसार किसी भी लाइसेंस धारक की सेवाएं प्राप्त कर सकता है।कोई भी लाइसेंस धारक किसी व्यापारी पर दबाव नही डाल सकता।
7.यदि व्यापारी सत्यापन कार्य नही करवाता है व संगत विभागीय नियमों का पालन नही करता तो कार्यवाही का अधिकार सिर्फ बांट मापअधिकारी को है।





