उत्तर प्रदेश

हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर विशेष बल

औरैया हिंदी प्रोत्साहन निधि में ग्रंथों का लोकार्पण व साहित्यकारों का सम्मान*
*जीटी-7 डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क टीम औरैया, कानपुर मंडलब्यूरो रिपोर्ट, राम प्रकाश शर्मा। 07, अक्टूबर 2024*                                              *#औरैया।* चौ. विशंभर सिंह भारतीय इंटर कालेज में रविवार को औरैया हिंदी प्रोत्साहन निधि का 24वां वार्षिक अधिवेशन व सारस्वत सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें हिंदी ग्रंथ झुग्गियों के लोग हम, विश्वामित्र व दीक्षित सप्तशती का लोकार्पण हुआ। साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने हिंदी को राष्ट्रभाषा व पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय होने की बात कही। साधारण बोलचाल की भाषा में अधिकाधिक हिंदी के प्रयोग पर बल दिया।
    मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय इलाहाबाद सुभाष चंद्र शर्मा, विशिष्ट अतिथि डा.सरोज गुप्ता व सुरेश चंद्र त्रिपाठी एडवोकेट ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। न्यायमूर्ति ने कहा कि हिंदी राष्ट्रभाषा व पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय होना चाहिए। 24 वर्ष से लगातार हिंदी के प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्व.ओम नारायण चतुर्वेदी मंजुल के दोनों पुत्र प्रदुमन व अंजनी चतुर्वेदी, संस्था की अध्यक्ष प्रभा चतुर्वेदी के कार्यों को सराहा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डा.सरोज गुप्ता ने भी हिंदी को साधारण बोलचाल के रूप में व अधिकाधिक प्रयोग में लाए जाने पर जोर दिया। अजय शुक्ल ने भी काव्य पाठ के माध्यम से अपने विचार व्यक्त कियें। अध्यक्षता कर रहे पीके विश्वविद्यालय शिवपुरी के कुलपति प्रोफेसर डा.योगेश चंद्र दुबे ने स्मृतिशेष आचार्य मंजुल को देव पुरुष बताया। डा.गंगा प्रसाद शर्मा, प्रोफेसर उमेश कुमार सिंह, प्रोफेसर मीरा द्विवेदी, डा.मधूसूदन दीक्षित, दीप चंद्र त्रिपाठी, शार्दुल विक्रम सिंह, प्रो.मुन्ना तिवारी, श्रीचंद्र वर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डा.धर्मेंद्र प्रताप सिंह, राममोहन चौधरी, प्रोफेसर अनिल विश्वकर्मा, अनुराग मिश्र, मौजूद रहे।

Global Times 7

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