कानपुर शहर को विभाजित कर बना जिला कानपुर देहात विकास से कोसों दूर ।

ग्लोबल टाईम्स 7डिजिटल न्यूज नेटवर्क टीम कानपुर देहात,विशेष संवाददाता सुरेश यादव की रिपोर्ट।
जिले की बडी आवादी शिक्षा स्वास्थ्य व्यापार रोजगार के लिए शहर पर निर्भर कानपुर मंडल का जनपद कानपुर देहात तीन दशक पहले कानपुर शहर से हिस्सा अलग कर बना है ,लेकिन आज भी शहर पर निर्भर है जहां जिला मुख्यालय अदालत, जेल , अस्पताल, एवम विकास भवन अकबरपुर माती मे संचालित है।लेकिन अधिकांश अधिकारी कर्मचारी सभी शहर से आकर जिले मे अपनी सेवाएं देते है । वही उनका स्थाई निवास है ,उसका मुख्य कारण शहर का वातावरण,रहन सहन, व बच्चो के भविष्य की चिंता के कारण कर्मचारी देहात मे अपना पूरा समय नही दे पा रहे है ।
इसी तरह जिले की बडी ग्रामीण आबादी आज शहर मे आशियाना बनाकर नई पीड़ी को सम्हाल रही है। तो साथ मे निजी व सरकारी काम धंधा तलास कर अपना गुजर बसर करती दिखाई दे रही है देहात के गांव कस्बों तक आवागमन के रास्ते जरूर बने है ,लेकिन सरकारी वाहनों का अभी भी अभाव है लोग कृषि कार्य उसके साथ दुग्ध उत्पादन कर अपने खर्च चला रहे है । गंभीर बीमारी होने पर शहर की तरफ भागते देखे जाते है , यही हाल व्यापार से जुडे दुकानदारो का है तो दूसरी ओर नौकरी रोजगार पाने की तैयारी कर रहे युवा शहर की तरफ दौडते देखे जाते है , जिनका अभी तक कोई ठोस समाधान नही दिखाई पडा है ।
जिला गठन के लंबे अंतराल के बाद भी आज तक जरूरी संसाधनों का अभाव चिंता का विषय है ,उसके लिये आम नागरिकों से अधिक राजनैतिक दल उससे चुने गये जन प्रतिनिधि व सरकारी मशीनरी जिम्मेदार है ,जो आज भी देहात के लोगो को देहाती जीवन मे गुजर बसर करने विवश किये हुये है ।






