पराली प्रबंधन पर प्रशासन हुआ सख्त, अब पराली जलाने पर होगी सख्त से सख्त कार्यवाही।

पराली एकतत्रीकरण की दें जानकारी, संबंधित क्षेत्र के पशुचिकित्सक करेंगे उठान।
ग्लोबल टाइम्स-7
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न्यूज नेटवर्क
अनूप गौङ
जिला संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात
10 नवंबर 2023
जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर प्रयासरत है कि जनपद में पराली जलाने की घटनाएं घटित न हो। इस संबंध में जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पराली जलाने के संबंध में घटनाओं पर नजर रखने तथा इस प्रकार की घटनाओं को घटित न होने हेतु सख्त निर्देश जारी किए है। जनपद में अबतक सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त सूचना अनुसार कुल 73 घटनाएं प्रकाश में आई हैं सभी स्थलों की जांच कर संबंधित पर अर्थदंड लगाया गया है, इनमें तहसील अकबरपुर में 13 घटनाओं से 10000 अर्थदंड, तहसील डेरापुर में 02 घटनाओं से 2500 अर्थदंड, तहसील रसूलाबाद में 10 घटनाओं से 10000 अर्थदंड, तहसील भोगनीपुर में 18 घटनाओं से 20000 अर्थदंड, तहसील सिकन्दरा में 12 घटनाओं से 22500 अर्थदंड एवं तहसील मैथा में कुल 03 घटनाओं से 2500 अर्थदंड की वसूली पर्यावरण कम्पनसेशन के रूप में की जा चुकी है तथा शेष धनराशि की वसूली की प्रक्रिया चल रही है, साथ ही सभी को अंतिम चेतावनी भी जारी की गई है कि इसके पश्चात भी यदि संबंधित के खेत में पुनः पुनरावृत्ति होती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही साथ अभी तक 06 कंबाइंड मशीन सीज की जा चुकी हैं तथा बिना एस0एम0एस0 लगे कंबाइंड मशीन और हार्वेस्टर के संचालन पर रोक लगा दी गयी है। अब तक कुल 602 कुंतल पराली कृषकों द्वारा गौशाला हेतु दान किया गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भी पराली की सूचना मिलने पर सीधे खेत से पराली उठान के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा सख्त हिदायत सहित निर्देश जारी किए हैं कि पराली जलाने वाले लोगों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को बक्शा नहीं जाएगा। उन्होनें संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों को अपने क्षेत्र में पराली जलने की घटना पर नज़र रखने एवं घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इस हेतु नज़र रखने के साथ ही यदि उनके क्षेत्र में पराली जलाने की कार्यवाही की पुनरावृत्ति पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकार जनपद में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने हेतु प्रशासन सख्त है एवं क्षेत्र में कृषकों को भी जागरूक करने हेतु जनपद स्तर पर फसल अवशेष प्रबंधन गोष्ठी के द्वारा, न्याय पंचायत में गोष्ठी के आयोजन सहित प्रमुख प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स के माध्यम से प्रचार प्रसार सहित तहसील स्तर पर प्रचार वाहन के माध्यम से भी कृषकों को जागरूक किया जा रहा है। उप निदेशक कृषि एवं जिला कृषि अधिकारी जन जागरूकता कार्यक्रम में अग्रणीय भूमिका में नज़र आ रहे हैं।






