जिले में खेल मैदानों का अभाव कुंठित हो रही खेल प्रतिभाएं

80 प्रतिशत युवक मंगल दलों से जुड़े खेल मैदानों पर भू- माफियाओं का अवैध कब्जा
जीटी-70017, राम प्रकाश शर्मा ब्यूरोचीफ औरैया।
26 जुलाई 2023
#औरैया।
भले ही सरकार द्वारा खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े वायदे और दावे किए जा रहे हैं लेकिन औरैया जिले के ग्रामीण क्षेत्र में खेल मैदानों का अभाव होने से ग्रामीण क्षेत्र की खेलकूद प्रतिभाएं बेहद कुंठित हो रही है क्यों कि उन्हें प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका नहीं मिल पा रहा है। मांग के बाबजूद जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने से युवाओं में काफी नाराजगी है वहीं खेल मैदानों के अवैध कब्जों पर बाबा का बुलडोजर भी नहीं चल सका है। जिले के बुद्धिजीवियों ने जल्द खेल मैदानों को सुरक्षित कराए जाने की शासन व जिला प्रशासन से मांग की है।
कहने को तो केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बड़े बड़े वायदे और दावे किए जा रहे हैं लेकिन जिले की बिधूना अजीतमल औरैया तीनों ही तहसील क्षेत्रों में यह सरकारी दावे जमीनी धरातल पर बिल्कुल थोथे साबित हो रहे हैं। पिछली सपा सरकार में बिधूना में खेलकूद स्टेडियम बनाए जाने को लेकर भरोसा भी दिया गया था लेकिन यहां पर आज तक स्टेडियम नहीं बन सका है। भाजपा सरकार में ग्रामीण क्षेत्र में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन खासकर बिधूना अजीतमल तहसील क्षेत्रों में खेलकूद स्टेडियम की कौन कहे खेल मैदान भी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। सबसे दिलचस्प और गौरतलब बात तो यह है कि महाविद्यालयों इंटर कॉलेजों में अनिवार्य रूप से खेलकूद मैदान बनाया जाना निर्धारित है किंतु इसके बावजूद जिले के अधिकांश कॉलेजों में खेलकूद मैदान सिर्फ कागजी खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं। जमीनी धरातल पर खेल मैदान कहीं दूर-दूर तक नहीं दिख रहे हैं। यही नहीं प्रत्येक ग्राम पंचायत में भी युवक मंगल दल के नाम से खेल मैदान सुरक्षित किए गए हैं लेकिन शासन व प्रशासन की उदासीनता से जिले के लगभग 80 प्रतिशत युवक मंगल दलों से जुड़े खेल मैदानों पर दबंग भू-माफियाओं का अवैध कब्जा है और यह लोग या तो उस पर खेती कर रहे हैं या फिर मकान आदि बनाकर कब्जा जमाए हैं। ऐसा नहीं है कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी है बल्कि खेल मैदानों के अभाव में ग्रामीण खेल प्रतिभाएं बेहद चिंतित हो रही हैं क्यों कि उन्हें अपनी खेल प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका नहीं मिल पा रहा है। जनप्रतिनिधियों द्वारा खेलकूद प्रतिभाओं की भावनाओं पर ध्यान ना दिए जाने से खेलकूद में रुचि रखने वाले युवाओं व बुद्धिजीवियों में शासन व प्रशासन की उदासीनता के प्रति भारी नाराजगी है। जिले की बुद्धिजीवियों ने जल्द खेलकूद प्रतिभाओं के हित में जल्द खेलकूद मैदान सुरक्षित कराए जाने की मांग की है।






