उत्तर प्रदेशलखनऊ

गॉव की गरिमा के तहत हुआ कार्यक्रम का आयोजन !

ग्लोबल टाइम्स-7
डिजिटल
न्यूज नेटवर्क
अनूप गौङ
जिला प़शासनिक संवाददाता
कानपुर देहात

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजनान्तर्गत अकबरपुर इण्टर कालेज में महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सभी प्रकार की हिंसा के विरूद्ध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजनान्तर्गत एवं राष्ट्रीय जंेडर अभियान के तहत भारत सरकार एवं राज्य सरकर द्वारा महिलाओं/बालिकाओं हेतु चलाई जा रही योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार की हिंसा और भेदभाव के उन्मूलन के बारें में जागरूकता बढाने हेतु जनपद कानपुर देहात के अकबरपुर इण्टर कालेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मा0 प्रतिभा शुक्ला राज्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग, उ0प्र0 सरकार लखनऊ एवं विश्ष्ठि अतिथि मा0 पूनम संखवार विधायिका रसूलाबाद, जिलाधिकारी महोदया, पुलिस अधिक्षक महोदया, मुख्य विकास अधिकारी महोदया आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं बालिकाओं द्वारा सरस्वती वन्दना से किया गया उसके उपरान्त जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा मा0 राज्यमंत्री, जिलाधिकारी महोदया एवं पुलिस अधीक्षक महोदया का एवं जिला विकास अधिकारी द्वारा मा0 विधायिका, मुख्य विकास अधिकारी महोदया का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनायें जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड), उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), घरेलू हिंसा से पीडित महिलाओं को आर्थिक एवं कानूनी सहायता और सखी वन स्टॉप सेंटर से सम्बन्धित सभी सुविधाओं के बारे मे विस्तृत रूप से बताते हुए बालक एवं बालिकाओं/महिलाओं को जागरूक किया गया साथ ही बाल विवाह संबधी कानूनी प्रावधान के बारे में बताया गया एवं बाल विवाह से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गयी जैसे बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का अतिक्रमण करता है, जिससे उन पर हिंसा, शोषण, और यौन शोषण का खतरा बना रहता है, बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, बच्चे के भविष्य को बिगाड़ता है।
मुख्य विकास अधिकारी महोदया द्वारा अपने सम्बोधन में कार्यक्रम की महत्वता एवं उसके उद्देश्य पर विस्तृत रूप से प्र्रकाश डालते हुए नारी सशक्तिकरण, महिलाओं के विरूद्ध हिंसा तथा भेदभाव उन्मूलन के विषय में जागरूकता बढा़ना एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने के सम्बन्ध में जागरूक किया गया तथा लिंग भेदभाव का करें बहिस्कार लडका लडकी एक समान का नारा देते हुए महिला पुरूष में समानता और लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान पर लोगों को जागरूक किया तथा बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजनान्तर्गत एक नए अभियान की सुरूआत देवी शक्ति श्क्मूप ैींाजपश् ;क्मअमसवचउमदज ंदक म्उचवूमतउमदज व िॅवउमद व िप्दकपं द्ध के रूप में किया गया।
पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं सहेंगें नहीं कहेंगें पर जोर देते हुए बालिकाओं एव महिलाओं को खुद आगे आने के लिए जागरूक किया एवं हिंसा के विरूद्ध चुप्पी तोडने के लिए पुलिस विभाग द्वारा महिला थाने का नम्बर सभी बालिकाओं को दिया तथा छात्राओं को यह भी बताया गया कि महिलाओं को पुरूषों के समकक्ष समझा जाये, बेटा-बेटी में किसी प्रकार का भेद-भाव न किया जाये और बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया जाये व लिंग भेदभाव जैसी कुरीतियों को समाप्त करने व महिलाओं के विरूद्ध हो रही हिंसा को समाप्त करने के लिये जागरूक करते हुये, आपातकालीन टोल फ्री नं0 जैसे 181, 1090, 112, 1098, 1076 आदि के बारें मे भी जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी महोदया द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को जागरूक करते हुए राष्ट्रीय जेंडर अभियान एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं/बालिकाओं हेतु चलाई जा रही योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार की हिंसा और भेदभाव के उन्मूलन एवं महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013, घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005, लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2013 व दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 जैसे आवश्यक कानूनों पर सविस्तार चर्चा की गई, जिससे महिलायें/बालिकायें स्वयं में सशक्त होकर अपने ऊपर हो रहे हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाने में सक्षम हो सके। बेटी बचाओ बेटी पढाओं योजना केे अन्तर्गत जनपद मे “गॉव की गरिमा“ कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ मा0 उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी के द्वारा गाम पंचायत रमऊ में किया गया। इसके अन्तर्गत ऐसी बालिका/महिला का चुनाव किया जाना है, जो खेलकूद के क्षेत्र में, व्यापार के क्षेत्र में, उच्च पद पर कार्यरत, सरकारी सेवा (डॉक्टर/इंजीनियर/अध्यापक आदि) के पद पर कार्यरत, साहित्य के क्षेत्र में, पत्रकारिता के क्षेत्र में, समाजसेवा के क्षेत्र में, जनप्रतिनिधि आदि के रूप में अपने आप को स्थापित करने के साथ-साथ अपने गॉव का नाम रोशन किया हो, ऐसी बालिकाओं/महिलाओं को “गॉव की गरिमा“ की उपाधी से सम्मानित किया जाएगा एवं उनके नाम पर चौराहे/सडक मार्ग/खडंजा/प्रवेशद्वार आदि का नामकरण किया जाएगा। जिलाधिकारी महोदया ने उपस्थित बालिकाओं/महिलाओं से अपेक्षा की आप सभी लोग भी कुछ ऐसा कार्य करें की आप भी “गॉव की गरिमा“ की उपाधी से सम्मानित किया जा सके।
मा0 विधायिका रसूलाबाद द्वारा बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए बालिका सुरक्षा के सम्बन्ध में सुरिक्षित स्पर्स के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी तथा बालिकाओं की शिक्षा स्वबलम्बन एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में बालिकाओं को जागरूक किया गया एवं कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह अपेक्षा की कि बालक एवं बालिकाओं को समाज में एक समान दर्जा प्रदान कर उनके बीच परस्पर चली आ रही लिंग भेद जैसी कुरीतियों पर विराम लग सके।
मा0 राज्य मंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजनान्तर्गत एक नए अभियान देवी के रूप में शुभारम्भ किया गया।

कार्याक्रम में उपस्थित छात्र-छात्रओं/महिलाओं को प्रेरित करते हुए उन्हे स्वबलम्बन हेतु कहा गया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत सभी बालिकाओं/महिलाओं को सशक्तिकरण, शिक्षित, स्वावलंबन, स्वास्थ्य, सुरक्षा आदि के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ विभागीय योजनाओं यथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड), उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला पंेशन योजना आदि के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा कर जागरूक किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के बीच महिला सुरक्षा/अधिकार/आत्मरक्षा एवं सामान्य ज्ञान विषयों पर आधाहरित प्रश्नोत्तरी/निबन्ध प्रतियागिताओं का आयोजन कर प्रतियोगिता में प्रथम द्वितिय एवं तृतिय आने वाली छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह देकर पुरूषकृत किया। बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढने के लिए प्रेरित किया तथा अपने माता-पिता, अपने गॉव, अपने तहसील, अपने जिले तथा अपने राज्य, अपने देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया साथ ही आत्मरक्षा के सम्बन्ध में जूडो कराटे आदि में बालिकाओं को सीखने तथा समय आने पर उसका प्रयोग करने के सम्बन्ध में जागरूक किया। अंत में प्राधानाअध्यापक श्री भारत सिंह द्वारा कार्यक्रम में प्रतिभाग किये गए सभी व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस मैके पर जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, संरक्षण अधिकारी, प्रधानाध्यापक एवं अकबरपुर इण्टर कालेज के अध्यापक/अघ्यापिका एवं लगभग 4200 छात्र-छात्राओं के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

Global Times 7

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