उत्तर प्रदेशलखनऊ

210 वर्ष पुरानी साकेत धाम रामलीला को लगा ग्रहण !

उप जिलाधिकारी मैथा बने खलनायक

gt7 न्यूज़ नेटवर्क

राकेश कुमार मिश्रा

संवाददाता तहसील मैथा

3 अक्टूबर 2022

रामचरितमानस पर आधारित मर्यादा पुरुषोत्तम राम की लीलाओं का सजीव मंचन करने का जनक स्थल साकेत धाम शिवली की रामलीला उपजिलाधिकारी मैथा महेंद्र कुमार की संवेदनहीनता से राजनीति की भेंट चढ़ गई । विगत दिवस प्रतिदिन की तरह साकेत धाम पर लीला का मंचन किया जा रहा था अचानक उप जिलाधिकारी मैथा लगभग रात 10:00 बजे आकर जिला के संचालकों के साथ अभद्रता करते हुए लीला का मंचन बंद करा दिया गया उप जिलाधिकारी मैथा द्वारा रामलीला मंचन करने का स्वीकृत आदेश ना होने के कारण लीला बंद करने की बात कही गई। वही साकेत रामलीला के आयोजकों का कहना है कि परमिशन हेतु लगभग 10 दिन पूर्व उप जिलाधिकारी मैथा को आवेदन कर दिया गया था जिसे स्वीकृत क्यों नहीं किया गया यह जिम्मेदारी स्वयं एसडीएम मैथा की होती है साकेत धाम रामलीला का आयोजन तो लगभग 210 वर्षों से अनवरत होता आया है , उपजिलाधिकारी मैथा द्वारा किए गए इस अप्रत्याशित अभद्र व्यवहार से आहत होकर महंत सन्त कुमार अन्न जल त्याग कर अनशन पर बैठ गए उनका कहना है कि जब तक उपजिलाधिकारी मैथा के विरुद्ध विधिक कार्यवाही नहीं हो जाती तब तक अपना अनशन नहीं समाप्त करेंगे।

Global Times 7

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