उत्तर प्रदेश

14 साल से अटकी औरैया की यूएम पावर परियोजना फिर चर्चा में !

सुलह वार्ता बेनतीजा; हरियाणा से बिना सहमति लौटे सैकड़ों किसान

औरैया।
औरैया जिले की सदर व बिधूना तहसील के सात राजस्व गांव—ढिकियापुर, सूखमपुर, नौगवां, हरतौली, जमौली, कंचौसी और सेहुद—की 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित 250 मेगावाट की यूएम पावर परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है। गुड़गांव (हरियाणा) की यूनिटेक मशीन लिमिटेड की इस परियोजना पर करीब 2000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्तावित था, लेकिन बीते 14 वर्षों से यह भूमि विवाद और मुआवजा मुद्दों के चलते लंबित है।

अधिक मुआवजे की मांग को लेकर सौ से अधिक किसान कंपनी प्रबंधन के बुलावे पर मंगलवार शाम दो बसों से गुड़गांव रवाना हुए थे। बुधवार को किसानों, कंपनी प्रबंधन और अधिकारियों के बीच एक बड़े होटल में लंबी बैठक चली, लेकिन किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका। इसके बाद गुरुवार सुबह सभी किसान बिना समझौते के वापस लौट आए।

किसानों—राजेश गुप्ता, शिव प्रताप, संजीव, किसान कुमार, भूरे सहित अन्य—का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय तय शर्तों के अनुसार उन्हें वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। वहीं कंपनी प्रबंधन वर्ष 2012 के सर्किल रेट के आधार पर भुगतान करने पर ही अड़ा रहा और अतिरिक्त लाभ देने से इनकार कर दिया। इसी कारण वार्ता विफल रही।

अब असहमत किसान उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में रिट याचिका दायर कर न्याय की मांग करने की तैयारी में हैं। इससे पहले भी दो दर्जन से अधिक किसान उचित मुआवजा और अन्य लाभों की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में अपील दायर कर चुके हैं, जिनकी सुनवाई जारी है। एक ओर शासन की ओर से लंबित परियोजना को लेकर दबाव है, तो दूसरी ओर विवाद के कारण जिले व आसपास के क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है।

गुड़गांव में हुई बैठक में कंपनी के सीईओ आर.बी. सिंह, मालिक अनिल छाबड़ा, सीनियर अधिकारी आर. सिन्हा, अनिल सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

— ग्लोबल टाइम्स 7 न्यूज नेटवर्क
विशेष संवाददाता: सुरेश यादव, औरैया (उ.प्र.)

Global Times 7

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