फफूंद कस्बे में नहीं थम रहा बंदरों का आतंक

जीटी-7, ओम कैलाश राजपूत संवाददाता फफूंद ब्यूरो रिपोर्ट। 29 दिसंबर 2024*
*#फफूंद,औरैया।* कस्बे में बंदरों के आतंक से नगर के आमजनमानस लोग परेशान है। बंदर रसोई घर में घुसकर फ्रीज से सामान निकाल लेते है, तथा कपड़े हो या मोबाइल पलक झपकते ही उठा कर ले जाते हैं, उसी टाइम कोई खाने की चीज बंदरों को डाली जाती है तब कहीं जाकर बंदर चीज छोड़ते हैं। कस्बा वासियों ने बंदरों को पड़कर बाहर छोड़ने की प्रशासन से मांग की है।
पिछले पांच वर्षों में इनकी संख्या भी 10 गुना बढ़ गई है। वहीं, नगर पंचायत इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बंदरों के आतंक के कारण नगर के कई मोहल्लों में लोगों ने छतों पर जाना ही छोड़ दिया है। नगर पंचायत की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए एक बार भी अभियान नहीं चलाया गया। नगर की गलियों में बंदरों का जमावड़ा रहता है, जिस वजह से लोग दूसरे रास्ते से निकलने को मजबूर है। सूत्रों के अनुसार बंदर के काटने और पंजा मारने से प्रतिदिन औसतन दो केस आ रहे हैं। इसके कारण लोगों को रैबीज का टीका लगवाना पड़ रहा है। बंदरों का झुंड लोगों पर हमला कर घायल कर देते है। सबसे ज्यादा भय तो महिलाओं और बच्चों में है, जो घर से बाहर निकलने में भी संकोच करने लगे हैं। वहीं, दुकानदार भी बंदरों से खासे परेशान हैं। बंदर उनकी दुकान के बाहर रखा सामान उठा ले जाते हैं। इन जगहों पर रहता है बंदरों का जमावड़ा नगर के मोहल्ला भराव, मोतीपुर,ताहरपुर,ऊंचाटीला,फफूंद थाना, जुबैरी केसरवानी,सैय्यदबाढ़ा, तिबारियान,सब्जी मंडी,गल्लामंडी, चमनगंज, बसंत मार्केट, नई बस्ती, बाबा का पुरवा, महावीर मंदिर सहितनगर में अन्य स्थानों पर बंदरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। नगरवासियों ने नगर पंचायत फफूंद प्रशासन से मांग की है कि इन बंदरों को पकड़वाकर बाहर छोड़ा जाए ताकि लोगों को बंदरों के आतंक से निजात मिल सकें।
*बोले जिम्मेदार*- नगर पंचायत फफूंद अधिशाषी अधिकारी विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि शीघ्र ही बंदरों को पकड़वाया जाएगा।किसी को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।






