बिजली कटौती और बढ़तीं बिजली दरों के खिलाफ व्यापार मंडल ने सौंपा ज्ञापन

*बनियों के ऊपर ऊर्जा मंत्री की टिप्पणी पर जताया आक्रोश*
*जीटी 7 डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क टीम औरैया, प्रदेश हेड संपादक डॉक्टर धर्मेंद्र गुप्ता। 31 जुलाई 2025*
*#औरैया।* उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट की ओर से गुरुवार को व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर की गैर मौजदूगी में कार्यालय कर्मचारी को सौंपा। जिसमें व्यापारियों ने अघोषित कटौती, बिजली की बढ़ती दरों व बनियों के ऊपर ऊर्जा मंत्री की ओर से की गई टिप्पणी पर आक्रोश जताया।
मुख्यमंत्री को संबोधित सौंपे गए ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में हो रही बिजली कटौती एक गंभीर समस्या हो गई है। जिससे व्यापारी व आम जनमानस बुरी तरह से परेशानी का सामना कर रहा है। हालत यह है कि बिजली से संचालित कल कारखाने बंदी की कगार पर पहुंच रहे हैं। वहीं बिजली की दरों एवं फिक्स चार्ज को बढ़ाने का दिया गया प्रस्ताव मध्यमवर्गीय एवं निम्नवर्गीय परिवारों के हितों पर बुरा असर डालेगा। साथ ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले उपभोक्ताओं को तीन रुपये के स्थान पर चार रुपये प्रति यूनिट बिजली का भुगतान कर पाना बहुत ही मुश्किल होगा। व्यापारियों ने ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित की गईं बिजली की एक किलोवॉट की 6.60 रुपये की दर से 100 यूनिट के 840 रुपये हैं। जिससे शासन की व्यवस्था के तहत लगभग 45 प्रतिशत यथा स्थिति में दरें बढ़ जाएंगी। इसी तरह से शहरी फिक्स चार्ज 110 से बढ़कर 190 रुपया और ग्रामीण क्षेत्र में 90 रुपया से 150 रुपया प्रति किलोवॉट प्रस्तावित दरों के हिसाब से हो जाएगा। बताया कि वैसे तो उपभोक्ता पूर्णतया निर्धारित उपभोग की गई बिजली मूल्य को अददा कर रहा हैं तो फिक्स चार्ज क्यों लिया जा रहा है। उन्होंने इसे बंद किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोग करने से 4.5 गुना रीडिंग दे रहे हैं। जिसे चेक मीटरों ने भी गलत ठहराया है। कहा कि उपरोक्त स्मार्ट मीटर लगाए जाने वाली दोनों कंपनियों को पूर्व से गोवा में ब्लैक लिस्टिड किया जा चुका है। ऐसे में इस अनुबंध की समीक्षा करते हुए इन मीटरों से उपभोक्ताओं को मुक्ति दिलाने की मांग की है।
वहीं व्यापारियों ने हाल ही में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा की ओर से ऊर्जा विभाग के मध्य एक बैठक के दौरान बनियों के ऊपर की गई टिप्पणी को समाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाली बताया। कहा कि इस टिप्पणी से वह आत है। इस प्रकार की टिप्पणी समाज में अक्षम्य है। इसकी पुनरावृत्ति न करने के लिए सख्त आदेश किए जाने की मांग की।
इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई बबलू, महामंत्री स्वतंत्र अग्रवाल, अमर विश्नोई, बीनू वर्मा, केके चतुर्वेदी, दीपक अग्रवाल, रविशंकर शुक्ल, दीपक पुरवार, आरती नंदन, नरेश चंद्र, वेद प्रकाश राठौर, सतीश वर्मा, नितिन पुरवार, शिवम पांडेय, रीतेश गुप्ता, मो.समरान नसीब, मयंक शुक्ल, परशुराम यादव समेत काफी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।






