उत्तर प्रदेशलखनऊ

जिले में गति नहीं पकड़ पा रहा है गौ संरक्षण अभियान

31 मार्च तक गौशालाओं के निर्माण के साथ संरक्षित होने थे गोवंश

ग्लोबल टाइम्स-7 न्यूज़ नेटवर्क, 0006
राकेश कुमार मिश्र
संवाददाता तहसील मैंथा
29 मार्च 2023

शिवली कानपुर देहात

शासन के द्वारा 31 मार्च तक अस्थाई गौशालाओं के निर्माण कराने शत प्रतिशत निराश्रित आवारा गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश कानपुर देहात में हवा हवाई साबित हो रहे हैं। आवारा गोवंश संरक्षण के लिए अस्थाई गौशालाओं के निर्माण कार्य पूर्ण करने में सिर्फ दो दिन शेष बचे हैं लेकिन अब तक 125 क्लस्टर में बनने वाली अस्थाई गौशालाओं में केवल 25 जगह ही गो आश्रय स्थलों के निर्माण के साथ संचालन शुरू हो सका है अब तक आधा सैकड़ा से अधिक जगहों पर गौशाला अधूरी पड़ी है, कई जगह भूमि विवाद के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाए ,कहीं गौशाला निर्माण के बाद सचिव व प्रधान उसके संचालन में रुचि नहीं ले रहे हैं ,वहीं गोवंशो को संरक्षित करने के लिए भी अफसर संजीदगी नहीं दिखा रहे हैं इससे गौशाला में गोवंश को संरक्षित करने के केवल दो दिन शेष रह गए है लेकिन अधिकांश गौशालाओ के कार्य अभी भी अधूरे पड़े हैं जिससे शत प्रतिशत गोवंशओं को संरक्षित करने की योजना हवा हवाई साबित हो रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ संरक्षण अभियान को गति देने के लिए प्रत्येक जिले में ग्राम पंचायतों के प्रत्येक क्लस्टर में एक गौशाला बनाने का निर्देश जारी किया था। शासन के निर्देश के मुताबिक पहले 15 दिसंबर तक अस्थाई गौशाला का निर्माण कार्य पूर्ण करने के साथ 31 दिसंबर तक शतप्रतिशत निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश दिए गए थे। इसको लेकर जनपद स्तर पर अधिकारी लगातार समीक्षा बैठक करते रहे लेकिन गौशालाओं के निर्माण में कोई प्रगति नहीं हो सकी। जिसके बाद लगातार तिथियों को आगे बढ़ाया गया ,शासन के निर्देश पर 31 मार्च का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया जिसके अंदर सभी गौशालाओं के निर्माण कार्य पूर्ण कराते हुए जनपद के आवारा गौवंशो को संरक्षित करने के निर्देश दिए गए थे। इसको लेकर लगातार डीएम अफसरों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर गौशाला निर्माण के साथ अभियान चलाकर शत-प्रतिशत गोवंश के संरक्षण के लिए निर्देश भी दे रही थी लेकिन गोवंश संरक्षण में लगे अफसरों की लापरवाही के कारण योजना धराशाई होते नजर आ रही है, हालात यह है कि गोवंश संरक्षण अभियान के केवल दो दिन शेष बचे हैं लेकिन अब तक लगभग 70 से अधिक गौशालाओं का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। कई जगह टीन सेट की व्यवस्था नहीं है, कहीं पेयजल की अवस्थाएं है।कई जगह भूसा भंडार कक्ष नही बने है। इससे जिले में 125 क्लस्टर में संचालित होने वाले गौशालाओं में केवल अब तक 25 जगह ही गौशाला का संचालन शुरू हो सका है इससे गोवंश संरक्षण अभियान में अफसरों की लापरवाही व संवेदनहीनता खुलकर सामने आ रही है और दो दिन में गौशालाओं का निर्माण करा कर गोवंश को संरक्षित करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। इससे जनपद में केवल गौशालाओं का निर्माण कागजों पर ही दिखाया जा रहा है धरातल पर अधिकांश गौशालाओं का अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है इससे गोवंश के संरक्षण की योजना कागजों पर ही दम तोड़ती नजर आ रही है | सरवन खेड़ा विकासखंड के करवक, शाहजहांपुर निनाया सहित कई ग्राम पंचायतों में अभी तक गौशाला अधूरी पड़ी है। इससे गोवंश संरक्षण अभियान जिले में दंम तोड़ते नजर आ रहा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ डीएन लवानिया ने बताया कि गौशालाओं के निर्माण का कार्य पंचायतों के माध्यम से कराए जा रहे हैं ,अब तक जिले में केवल 25 गौशालाओं का संचालन ही शुरू हो सका है ,जिस जगह निर्माण कार्य चल रहे हैं इससे वहां समय रहते गौशालाओं का संचालन करा कर शत प्रतिशत गोवंश संरक्षण करना चुनौतीपूर्ण कार्य है।

Global Times 7

Related Articles

Back to top button