विरासत के नाम पर लेखपाल ने मृतक के पुत्र से मांगे दस हजार रुपए।

चार हजार रुपया पहले लेकर देते रहे झांसा
राजस्व विभाग में भ्रटाचार का मामला।
ग्लोबल टाइम्स 7 डिजिटल न्यूज नेट वर्क ,कंचौसी सहार ब्लॉक रिपोर्टर बृजेश बाथम
कंचौसी औरैया
सहार ब्लॉक के ग्राम लछियामऊ मनेपुर निवासी जयवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता देवराज सिंह परमार का निधन छह साल पहले सन 2017 में हो गया था और इसके बाद उसने ग्राम पंचायत मधवापुर में कार्यरत लेखपाल पंकज सविता से मुलाकात की ओर पिता की विरासत हम सभी भाइयों के नाम करने के लिए कहा।विरासत नाम करने के नाम पर लेखपाल ने दस हजार रूपये की मांग की।पीड़ित ने बताया के मैने लेखपाल को चार हजार रूपये नकद देकर विरासत की कार्यवाही पूरा करने के लिए कहा और इसके बाद पीड़ित की पत्नी बीमार पड़ गई और कुछ दिनों बाद पत्नी बीना की मृत्यु हो गई लेकिन लेखपाल बराबर बाकी छह हजार रूपये की मांग करते रहे।आर्थिक तंगी के कारण पीड़ित उन्हें छह हजार रूपये नही दे सका और इसके पश्चात पीड़ित के एक भाई हरगोबिंद की भी मृत्यु हो गई लेकिन विरासत के नाम पर लेखपाल बराबर रूपये मांगते रहे लेकिन कोई काम नही किया ।
परेशान होकर पीड़ित ने सभी बाते मंडल महामंत्री रवींद्र सिंह सेंगर पत्रकार को बताई।जब महामंत्री ने लेखपाल से फोन पर बात की तो लेखपाल ने चार हजार रूपये लेना स्वीकार किया है और पीड़ित को तहसील में बुलाकर बातचीत करने की बात कही। इस पर तहसील दार विधूना अमोद कुमार ने बताया की जांच करने के बाद कड़ी कार्यवाही की जाएगी।






