अमीन रिपोर्ट पर ईदगाह और हिंदू पक्ष आमने-सामने !

गोपाल चतुर्वेदी
ग्लोबल टाइम्स 7 न्यूज नेटवर्क
मथुरा
मथुरा। सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में अमीन रिपोर्ट के आदेश को लेकर ईदगाह पक्ष तथा पक्षकार हिंदू सेना आमने-सामने आ गए। ईदगाह पक्ष के अधिवक्ता नीरज शर्मा ने अमीन रिपोर्ट के आदेश को रिकॉल करने की मांग की तो पक्षकार हिंदू सेना के वकील शैलेष दुबे ने ईदगाह के अमीन रिपोर्ट के आदेश का अनुपालन करने की मांग दोहराई। न्यायाधीश सोनिका वर्मा ने २५ जनवरी सुबह ११ बजे सुनवाई का समय तय किया है।जानकारी रहे न्यायालय ने ८ दिसंबर २०२२ को ईदगाह की अमीन रिपोर्ट कराए जाने संबंधी आदेश दिए थे। जिस पर २ जनवरी को ईदगाह पक्ष ने अदालत में अपना विरोध दर्ज कराते हुए आदेश के अनुपालन से पूर्व ईदगाह पक्ष को सुने जाने का प्रार्थनापत्र दिया था। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता द्वारा श्रीकृष्ण जन्मस्थान की १३.३७ एकड़ जमीन पर दावा करते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान व ईदगाह कमेटी के बीच हुए समझौते को भी चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने ईदगाह की अमीन रिपोर्ट के आदेश दिए। इस आदेश की जानकारी लगने पर २ जनवरी को ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने अदालत में अपना विरोध दर्ज कराया। कहा कि आदेश से पूर्व उन्हें सुना जाए।
शुक्रवार को ईदगाह कमेटी के सचिव अधिवक्ता नीरज शर्मा ने अदालत मेें दो प्रार्थनापत्र दिए। उन्होंने एक प्रार्थनापत्र आदेश ७ नियम ११ का प्रार्थनापत्र तथा दूसरा अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश को रिकॉल करने संबंधी प्रार्थनापत्र दिया है।
पक्षकार हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अधिवक्ता शैलेष दुबे ने बताया कि प्रतिवादीगण ईदगाह पक्ष ने केस के कागजात मिलने के बाद भी कहा कि उन्हें कोई कागज नहीं मिले हैं। जिसके कारण उन्होंने अदालत में ही सभी कागजात उन्हें पुन: दिए हैं। केस के स्थायित्व को लेकर अदालत में प्रार्थनापत्र देना ईदगाह पक्ष का हताशा भरा कदम है। केस को अटकाने के उद्देश्य से इसी प्रकार के प्रार्थनापत्र दिए हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के वाद में जिला जज की अदालत में इस पर विस्तृत बहस भी हो चुकी है। वादीगण ने अदालत से प्रार्थना की है कि अदालत द्वारा ईदगाह की अमीन रिपोर्ट का आदेश का अनुपालन कराया जाना सुनिश्चित करें। अदालत में सुनवाई के दौरान प्रतिवादीगण में से श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल, विजय बहादुर सिंह के अलावा अखिल भारत महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि केस में उन्होंने तीन प्रार्थनापत्र दिए हैं। अब उन प्रार्थनापत्रों पर भी २५ जनवरी को सुनवाई संभव है।
आदेश ७ नियम ११ का प्रार्थनापत्र देना अधिकार का दुरुपयोग श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण के पक्षकारगण में से एक एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आदेश ७ नियम ११ के तहत प्रार्थनापत्र देना प्रतिवादीगण द्वारा अधिकार का दुरुपयोग करना है। हमारे केस मेें भी इसी प्रकार का प्रार्थनापत्र दिया है। जबकि मनीष यादव तथा महासभा के केस में भी यही प्रार्थनापत्र दिए गए हैं।
देरी से पहुंचने पर न्यायाधीश नाराज
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष जब अदालत में देरी से पहुंचे तो न्यायाधीश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगली सुनवाई २५ जनवरी को सुबह ११ बजे होगी। अगर प्रतिवादीगण समय से नहीं आए तो न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी दी जाएगी।






