कंचौसी रेलवे क्रासिंग पर वर्षों से लग रहे लम्बे जाम का जिम्मेदार सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष भी

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देश और प्रदेश मे भाजपा की सरकार है तो यहां के सांसद नजदीक के विधायक विपक्ष के दोनो की बराबर की जिम्मेदारी
*ग्लोबल टाईम्स 7 डिजिटल न्यूज नेटवर्क टीम कंचौसी औरैया/कानपुर देहात उप्र. विशेष संवाददाता सुरेश यादव*
कानपुर इटावा रेल खंड के मध्य कंचौसी रेल क्रासिंग पर चार साल लंबित रेल ओवर ब्रिज कन्नौज सासंद अखिलेश यादव के क्षेत्र मे आता है। जिनका दल प्रदेश मे विपक्ष की भूमिका निभा रहा है और केंद्र मे तीसरा सबसे बड़ा दल है जिनके दो विधायक दिबियापुर और बिधूना इस ओवर ब्रिज की सीमा से जुडे है और इनके अधिकांश मतदाता इसी ओवर ब्रिज से प्रभावित है,लेकिन आज तक सत्ता पक्ष इस पुल को बनाने मे आडे आ रहे किसानो को सन्तुष्ट नही कर सका है। तो विपक्ष ने उनकी मांगों को सुलझाने मे कोई प्रयास नही किया है उसका प्रमुख कारण यही दिखाई दे रहा है कि सरकार के आगे विरोधी दल मौन है, या यहां की जनता के प्रति वोट लेने के बाद कोई लगाव नही ।
इस सब के बाद लोगो मे अंदर ही अंदर यह चर्चा भी है कि कंचौसी नगर के मूल निवासी अकबरपुर सासंद देवेन्द्र सिंह भोले व उनके भाई दो दर्जन से अधिक उन किसानो मे शामिल है। जिनकी जमीन पर यह ओवर ब्रिज निर्माण मे अधिग्रहण है जिनका जिला और रेल अधिकारियो के बीच कई बैठको के बाद भी भूमि का प्रतिकर निर्धारित का कोई समाधान नही हो सका है। और न भविष्य मे होता दिखाई दे रहा है। इस कारण यह सड़क पुल अधर मे लटका है जिस पर सपा के किसी नेता या जन प्रतिनिधि ने देश व प्रदेश के सदन व सदन के बाहर इस बिषय को उठाया हो यह यहां की जनता के साथ अनन्य है। जिसका समय आने पर जनता जवाब देने का मन बना रही है इसमे सबसे अधिक नाराजगी बिधूना बिधायक रेखा वर्मा के प्रति सुनी जा रही है जिन्होने अपने चार वर्ष के कार्यकाल मे कंचौसी व उसके आसपास कोई इस तरह का काम नही किया है जो लोगो को जमीन पर दिखाई दे रहा हो। जिसकी मांग विधायक के साथ साथ पार्टी प्रमुख व सासंद अखिलेश यादव से पत्र भेजकर की गई है लेकिन अभी तक समाधान किसी का भी नही हुआ है । जब इस विषय पर विधायिका से बात की जाती है, तक यही जवाब मे कहती है अब शीघ्र होने वाले कामो के प्रस्ताव भेज रहे है जब कि पिछले माह के अंत तक जिला मुख्यालय औरैया विधायिका के प्रस्ताव नही पहुंचे थे जिनकी मांग सीडीओ कार्यालय से पत्र भेजकर की गई थी इससे जनता मे उनके प्रति नाराजगी है।






