Uncategorizedलखनऊ

अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप ! Bilhaur

प्रभाकर अलस्थी,ग्लोबल टाईम्स 7 न्यूज नेटवर्क लखनऊ,उत्तर प्रदेश

संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची एडीएम से की शिकायत
बिल्हौर,कानपुर नगर ।

ब्लाक सभागार में शनिवार को संपन्न हुए संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम रिंकी जायसवाल, एसडीम रश्मि लंबा और तहसीलदार तिमिराज सिंह ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं।इसी बीच मौके पर पहुंचे लायर्स एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एडीएम का घेराव कर मौके पर मौजूद तहसीलदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
बिल्हौर लॉयर्स एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने संगठन के अध्यक्ष दीपक कटियार के नेतृत्व में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची एडीएम रिंकी जायसवाल का घेराव कर शिकायत करते हुए बताया कि मौजूदा तहसीलदार द्वारा दलितों की जमीन पर बिना परमिशन के ही पैसा लेकर अन्य वर्गों को दाखिल खारिज की जा रही है। अन्य मामलों में भी बिना पैसे के कोई काम नहीं किया जा रहा।तहसील में पूरी तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है। शासकीय अधिवक्ता शुशांक मिश्रा ने भी आरोपों का पक्ष करते हुए मामले में उनके द्वारा किए गए विरोध पर तहसीलदार से शासकीय अधिवक्ता पद से हटवा देने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया।
एडीएम ने अधिवक्ताओं को मामले की जांच करा कर कार्यवाही का आश्वासन दिया। सकरवां निवासी छोटे बाबू ने अपने भाइयों पर पैत्रक जमीन कब्जा कर लेने और शान द्वारा मिले सरकारी आवास पर भी कब्जा कर लेने का आरोप लगाकर भाइयों से अपना हक दिलाए जाने की मांग की।डुड़वा जमौली गांव निवासी चेतराम के अनुसार वह अपना कच्चा मकान गिरकर पक्का मकान बनाना चाहता है। लेकिन गांव की कोई दबंग प्रवृत्ति पड़ोसी उसे मकान का निर्माण नहीं करने दे रहे और कीरतपुर निवासी कृष्ण गोपाल के अनुसार उन्हें शासन से पट्टी पर भूमि आवंटित की गई थी, जिस पर टकटौली गांव निवासी उदयवीर ने शुरू से ही बलपूर्वक कब्जा कर रखा था। एसडीएम कोर्ट में चले मुकदमे में 2021 में आरोपी को जमीन कब्जा मुक्त करने और 5000 रुपए मुआवजा देने का आदेश पारित हुआ।आदेश के बाद कब्जेदार द्वारा आज तक न तो जमीन कब्जा मुक्त की गई और न ही मुआवजा दिया गया।मामले की बार-बार शिकायत करने के बाद भी आज तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई।
पीड़ित ने एडीएम से जमीन पर कब्जा दिलाए जाने की मांग की।इस तरह संपूर्ण समाधान दिवस में आई 72 शिकायतों में एक भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं किया जा सका।सभी शिकायतों को संबंधित विभाग के कर्मचारियों को हस्तांतरित कर जल्द निस्तारण की निर्देश दिए गए।

Alok Mishra

Related Articles

Back to top button