उत्तर प्रदेशलखनऊ

गॉधी जयंती व लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस पर निबन्ध व पोस्टर प़तियोगता का हुआ आयोजन

पोस्टर प़तियोगता में सपना प़थम निबंध प्रतियोगिता मे प़तिमा सिंह ने बाजी मारी

ग्लोबल टाइम्स-7
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न्यूज नेटवर्क
अनूप गौङ
जिला संवाददाता
कानपुर देहात

पुखरायां

रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां कानपुर देहात में सोमवार को विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद लखनऊ की ओर से महाविद्यालय के महिला छात्रावास में वृक्षारोपण किया गया कार्यक्रम का प्रारंभ भोगनीपुर उपजिलाधिकारी राजकुमार चौधरी व नायब तहसीलदार मनीष कुमार दिवेदी द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ।इसी के साथ राष्ट्र में बढ़ते हुए बीड़ी, सिगरेट, गुटका, तंबाकू जैसे नशीली पदार्थ के सेवन से उत्पन्न होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता रैली महिला छात्रावास से पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुखरायां तक पहुंची ,जहां चिकित्सा अधिकारी महोदय द्वारा उपरोक्त वस्तुओं के सेवन से व्यक्ति के शरीर को होने वाली क्षति के बारे में बताया गया। अंत में महाविद्यालय के सभागार में पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । पोस्टर प्रतियोगिता में सपना ने प्रथम, अनम द्वितीय एवं हर्षिता सचान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में प्रतिमा सिंह यादव प्रथम, रोहन यादव द्वितीय ,अतिशा अभय तृतीय स्थान पर रहे ।अंत में गांधी जी के मूल सिद्धांत सत्य, अहिंसा, प्रेम ,सद्भाव कि आज के समय में प्रासंगिकता पर चर्चा हुई। चर्चा का शुभारंभ करते हुए डॉ हरीश कुमार सिंह ने गांधी जी की अहिंसा मन, कर्म एवं वचन तीनों में होनी चाहिए उनका अहिंसा पर आधारित सत्याग्रह बहु उपयोगी है वह आचार विचार की समरूपता एवं साधन साध्य की पवित्रता को जीवन भर अपनाते रहे । डॉ हेमेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि गांधी जी ने अहिंसा के सिद्धांत का सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रयोग किया उन्होंने इसे ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ ,नश्लवाद के विरोध मे एवं अस्पृश्यता के विरुद्ध प्रयोग किया देश तथा विश्व के अन्य देशों को अहिंसात्मक क्रांति की प्रेरणा दी । प्राचार्य प्रोफेसर आरपी चतुर्वेदी ने विद्यार्थियो को उद्बोधित करते हुए कहा कि गांधी जी ने अहिंसा के मार्ग को अपनाया जो सत्य पर आधारित था और यह मार्ग भारतीय संस्कृति मे अनेक मनुष्यों द्वारा पूर्व में भी अपनाया जा चुका है इसके लिए उन्होंने सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के जीवन वृतांत का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन इग्नू संयमक डॉ पर्वत सिंह ने करते हुए कहा कि बगैर किसी अस्त्र-शास्त्र के प्रयोग किए हुए गांधी जी ने अहिंसा के मार्ग को अपनाकर ब्रिटिश हुकूमत से भारत को मुक्ति दिलाई गांधी जी का सपना राम राज्य की स्थापना करना था इसके लिए सरकारे निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर एनसीसी ,राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के विद्यार्थी एवं महाविद्यालय परिवार के शिक्षक एवं कर्मचारी गण मौजूद रहे।

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