उत्तर प्रदेशलखनऊ

श्रम अधिकारी के पास नहीं है समय लोगों की समस्याओं का निस्तारण करने का

महिला अपने मृत पति के कागज लेकर घूम रही है ऑफिस ऑफिस

श्रमिक लगा रहे हैं ऑफिसों के चक्कर नहीं मिलता कोई अधिकारी

GT–7 0007
News Network
Anoop gaur
Kanpur dehat

पुखरायॉ

जहां केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के लिए नई नई योजनाएं लाकर सम्मान पूर्वक देने को तैयार हैं वही जिले के श्रम अधिकारियों के पास समय नहीं है श्रमिकों से बात करने का व उनकी समस्याओं का समाधान करने का जहां जनपद कानपुर देहात में तहसीलों में खुले श्रम विभाग के कार्यालय बिना अधिकारियों के खाली पड़े रहते हैं वही श्रमिक चक्कर लगा कर चले जाते
वही फाइल स्वीकृत होने के बाद भी श्रमिकों के बैंक खाते में धनराशि आज तक नहीं पहुंची जिसका ताजा मामला पुखरायां किदवई नगर निवासी प्रमोद कुमार पुत्र रामबाबू का है जो उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार बोर्ड में 2014 में पंजीकरण कराया गया था जिनकी मृत्यु 2019 में हो गई थी वही मृतक प्रमोद कुमार की पत्नी सुषमा ने मृत्यु सहायता योजना के अंतर्गत श्रम विभाग में आवेदन किया था जिसमें सुषमा के द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य कागज के साथ आवेदन जमा किया था जिसको श्रम अधिकारी संजय सिंह द्वारा स्थली निरीक्षण जांच कर सितंबर 2021 में फाइल को स्वीकृत कर दिया गया था जबकि महिला के द्वारा जिलाधिकारी के कायोंलय में भी प़ाथीं के द्वारा प़ाथंना पत्र दिया गया वही वतंमान भोगनीपुर श्रम अधिकारी मिलते नही खबर लिखे जाने तक महिला सुषमा को कोई भी भुगतान श्रम विभाग व अधिकारीयों के द्वारा नहीं किया गया वही मृतक प्रमोद के बेटियों की शादी का जिम्मा मां के ऊपर आ गया जिस पर किसी भी प्रकार से एक बेटी की शादी की वही श्रम विभाग से कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आवेदन किया लेकिन वह भी फाइल अधिकारी के द्वारा रददी की अलमारी में रख दी गई वही मां के द्वारा लोगों से उधार रूपया लेकर बेटी की शादी की गयी वही शादी के लिये लिया गया रुपया वापस लोग मांग रहे हैं जबकि मृतक प़मोद की पत्नी सुषमा अपने बच्चों के साथ बैलाही बाजर में बने सुलभ शौचालय मे रह कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं जिसकी स्थिति दैयनिय है जिसको लेकर मृतक श्रमिक प्रमोद कुमार की पत्नी कई बार भोगनीपुर श्रम अधिकारी के कार्यालय जनपद कार्यालय के साथ-साथ जिला अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काट काट कर परेशान हो गई वही अधिकारियों के पास समय नहीं है अपने अपने कार्यों का निस्तारण करने का

Global Times 7

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