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बिधूना सीएचसी में स्वास्थ्य कर्मियों में छिड़ा आपसी द्वंद हो रही वर्चस्व की लडाई !

भ्रष्टाचार की परतें रहीं खुल कई कर्मियों की नौकरी पर लटक सकती तलवार

जीटी-70017 राम प्रकाश शर्मा ब्यूरोचीफ औरैया।
20 मार्च 2023

बिधूना ,औरैया

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में आपसी वर्चस्व को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में छिड़ा आपसी घमासान थमने के बजाय लगातार बढ़ते जाने से जहां भ्रष्टाचार की परतें खुलना शुरू हो गई है वहीं कई कर्मियों द्वारा नियम विरुद्ध पाई गई नौकरियों पर भी आंच आने के साथ लंबे अर्से से अपने इसी गृह क्षेत्र में अंगद की तरह पैर जमाए कर्मचारियों के तबादलों की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना पिछले कई वर्षों से यूं तो स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अपना अपना वर्चस्व कायम रखने को लेकर आपसी द्वंद के साथ ही अधिकांश स्थानीय कर्मचारियों की तैनाती के कारण सियासी नेताओं के संरक्षण में सियासी अखाड़े के रूप में चर्चाओं में हमेशा चर्चाओं में रहा है।
कुछ तथाकथित राजनीतिक दिग्गजों के संरक्षण के कारण इस अस्पताल में कार्यरत स्थानीय स्वास्थ्य कर्मी अपनी जिम्मेदारी के निर्वहन के स्थान पर अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति की खातिर सिर्फ कुछ तथाकथित संबंधित अधिकारियों की चापलूसी के साथ ही उन्हें गुमराह करते रहने से अस्पताल में रोज नए नए विवादों के बखेड़े लगातार खड़े नजर आने से यह अस्पताल जिले में खासी चर्चाओं में बना रहता है। बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों के बीच शुरू हुए आपसी घमासान के बाद अस्पताल में वित्तीय मदो में हुए भ्रष्टाचार की भी परतें एक-एक कर खुलने के साथ इस पर अधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण भी मांगे जाने लगे हैं। यही नहीं इस अस्पताल में कुछ तथाकथित कर्मचारियों द्वारा नियम विरुद्ध हासिल की गई नौकरियों के अवैध ठहराए जाने को लेकर भी सवाल जवाब होने लगे हैं और ऐसे में यदि स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अपने अपने वर्चस्व लेकर चल रहा यह विवाद जल्द न थमा तो इस भ्रष्टाचार को लेकर कई स्वास्थ्य कर्मियों व अधिकारियों पर गाज गिरने के साथ कई स्वास्थ्य कर्मियों की नौकरी भी खतरे में पड़ने और नियम कानून को ठेंगा दिखाते हुए लंबे अर्से से इसी जिले व अपने गृह क्षेत्र में ही अंगद की तरह अपने पैर जमाए कई स्वास्थ्य कर्मियों को दूरस्थ तबादलों पर भी जाने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। सबसे गौरतलब बात तो यह है कि इस अस्पताल में आपसी वर्चस्व को लेकर कर्मचारियों में छिड़े घमासान के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को भी सरकारी चिकित्सा सुविधा के लाभ के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में बड़े पैमाने पर आपसी घमासान चलने के बावजूद भी अब तक स्वास्थ्य महकमे के बड़े अधिकारियों व शासन द्वारा गंभीरता से ध्यान न दिए जाने से क्षेत्रीय बुद्धिजीवी समस्या को लेकर बेहद चिंतित है। अब देखना यह है कि इस अस्पताल की दशा सुधरेगी या फिर चाटुकारिता का ही दंश झेलता रहेगा यह अस्पताल?

Global Times 7

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