जनता में नहीं जिन भाजपाइयों का वजूद वह क्या कर पाएंगे भाजपा को मजबूत?

सस्ती लोकप्रियता को सोशल मीडिया का लेते सहारा जनता करती किनारा
जीटी-70017 राम प्रकाश शर्मा ब्यूरोचीफ औरैया।
19 मार्च 2023
बिधूना,औरैया। बिधूना तहसील के अंतर्गत आने वाले बिधूना दिबियापुर विधानसभा क्षेत्रों में मौजूदा समय में सपा काबिज है इसका कारण इस क्षेत्र के कुछ तथाकथित भाजपाइयों का जनता जमीनी धरातल पर कोई वजूद न होना माना जाता है। इन क्षेत्रों में भाजपा के कुछ तथाकथित छुटेभैया जो सत्ता के साथ समय समय पर अपना पाला बदलते रहे हैं ऐसे छुटभैया नेता अपने धनबल की बदौलत भाजपा के बड़े नेताओं को गुमराह कर संगठन में पद ही नहीं पा गए हैं बल्कि जनप्रतिनिधियों के चहेते एवं उनके सिपहसालार बनकर पार्टी को जमीनी धरातल पर मजबूत किए बिना अधिकारियों व बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचा कर सोशल मीडिया के माध्यम से फोटो सहित पोस्ट डाल कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन यह पब्लिक है सब जानती है जनता भी ऐसे स्वार्थी नेताओं का वजूद न मानकर उन्हें नजरअंदाज कर रही है वहीं भाजपाई इन क्षेत्रों में भाजपा के मजबूत होने के चाहे जितने दावे करें लेकिन इन क्षेत्रों में कुछ तथाकथित चाटुकार जनाधार विहीन भाजपाइयों के कारण इन विधानसभा क्षेत्रों में फिलहाल भाजपा के पनपने के आसार नजर नहीं आ रहे है।
कहने को तो देश के साथ उत्तर प्रदेश की सत्ता पर भी भाजपा पूर्ण बहुमत में काबिज है लेकिन पिछले विधानसभा चुनावों में बिधूना तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिधूना व दिबियापुर विधानसभा क्षेत्रों में सपा ने भाजपा से दोनों सीटें छीन ली थी इसका प्रमुख कारण इन विधानसभा क्षेत्रों में कुछ तथाकथित जनाधार विहीन चाटुकार धन्नासेठों जो हर बार पाला बदलकर सत्ता से ही चिपकने के शौकीन हैं को संगठन में पदाधिकारी बनने का ही मौका नहीं मिल गया है बल्कि यह तथाकथित छुटभैया पार्टी के बड़े दिग्गजों के सिपहसालार बनकर अधिकारियों के साथ समाज व जनता में अपना रौब गांठने के साथ अपने निजी स्वार्थ पूरे करने में जुटे देखें जाते हैं। उपरोक्त विधानसभा क्षेत्रों में देखा जा रहा है कि यह तथाकथित कुछ छटभैया नेता सरकार द्वारा पार्टी संगठन को मजबूत करने के चलाए जा रहे कार्यक्रमों में चंद लोगों को कुछ जगहों पर इकट्ठा कर मालाएं पहनकर व पहनाकर खानापूर्ति के लिए तत्काल उसकी फोटो सोशल मीडिया पर डालकर अपनी जिम्मेदारी की रस्म अदायगी कर देते हैं। सत्ता का स्वाद लेने के लिए घुसपैठ करने वाले इन तथाकथित स्वार्थी नेताओं के कारण पार्टी के निष्ठावान पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी पार्टी संगठन को हो रहे नुकसान से कुछ चिंतित नजर आ रहे हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों में भी ऐसे नेता भी नजर आ रहे हैं जो पार्टी को मजबूत करने में 24 घंटे लगे दिखते हैं जिनमें अभय सेंगर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता, अनिल शुक्ला, रमेश चंद्र गुप्ता, लाल सिंह सेंगर, अमित मिश्रा, आशीष वर्मा, मंजू चौहान आदि प्रमुख है। इन विधानसभा क्षेत्रों की राजनीति का बारीकी से परख करने वालों का मानना है कि यदि इन क्षेत्रों में पार्टी आलाकमान द्वारा पार्टी की मजबूती के प्रयासों पर ध्यान न दिया गया और तथाकथित जनाधार विहीन सोशल मीडिया के माध्यम से सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाले छुटभैयों को तरजीह देना बंद ना किया गया तो आगामी चुनावों में भी भाजपा के इन क्षेत्रों में दिन बहुरने की उम्मीद बेमानी होगी।






