उत्तर प्रदेशलखनऊ

लम्बे अरसों से एक ही स्वास्थ्य केंद्रों पर कुंडली मारकर विराजमान डाक्टर साहब,शासन व स्वास्थ्य विभाग हुआ मेहरबान !

सीएमओ बोले मेरे वश में नहीं,शासन स्तर से होती है चिकित्सा अधीक्षकों व डाक्टरों की ट्रांसफर प्रक्रिया!

अधिकतर चिकित्सा अधीक्षक अंगद की तरह की सालों से पैर जमाये बैठे,शासन व स्वास्थ्य विभाग नहीं जुटा पा रहा अपनी हिम्मत!

ALOK MISHRA

Global Times7 News Network Teem Lucknow Uttar Pradesh

जनपद के विकास खंडों अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के दफ्तरों में आज भी कई ऐसे अधिकारी व कर्मचारी हैं, जो जिम्मेदारों के संरक्षण के चलते एक ही स्थान पर अर्थात विभागीय पदों पर पिछले कई सालों से धाक जमाये बैठे हैं। और खुलेआम मनमानी करते हुए नजर आ रहे हैं । लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है । एक स्थान पर लम्बे समय से पद आसीन होने से शासकीय व विभागीय कार्यों में खुलेआम बड़ी लापरवाहियां उजागर होकर निरंतर सामने आ रही है । तो वहीं पर अधिकारियों के कृपा पात्र डाक्टर अंगद की तरह पैर जमाये एक ही स्वास्थ्य केंद्रों पर बैठे हुए हैं ।
और तो और खुलेआम बड़े पैमाने पर विभागीय भ्रष्टाचार का दीमक भी बढ़ने से कम होने का नाम नहीं ले रहा है । लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार पदस्थ अधिकारी जानबूझ कर अनजान बने हुए हैं आखिर ऐसा क्यों?
शायद कहीं कोई स्वास्थ्य विभाग में भीतरी खेला तो नहीं !

कई सालों से एक ही स्वास्थ्य केंद्रों पर विराजमान चिकित्सा प्रभारी व डाक्टर, स्थानांतरण प्रक्रिया में बेचारा स्वास्थ्य विभाग सो रहा कुंभ करणी निद्रा !

यदि जिक्र किया जाए कानपुर जनपद के दसों ब्लाकों यथा ककवन,बिल्हौर, शिवराजपुर,चौबेपुर, कल्याणपुर,भीतरगांव, सरसौल,पतारा,बिधनू, घाटमपुर आदि के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सा प्रभारियों समेत एक ही स्वास्थ्य केंद्रों पर जमे हुए विकास खंड अंतर्गत सैकड़ों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व उपकेंद्रों में तैनात डाक्टरों के स्थानांतरण प्रक्रिया के बारे में तो मानौ जैसे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कुंभ करणी निद्रा में लीन हो गये हों,मोटी रकम की चढ़ौती के चलते अर्थात कमीशन खोरी व तगड़ी सेटिंग के चलते विभाग इसी ओर ध्यान ही नहीं आकर्षित करने का प्रयास कर रहा हैं ।
प्रतीत होता है कि कुछ प्रभारी डाक्टर इस कदर कुंडली जमाकर बैठे हुए हैं की शासन व जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग को उनका स्थानांतरण किये जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है । जिससे कारण उनका ट्रांसफर तक कर दिया जाए।

लम्बे अरसे से विराजमान चिकित्सा अधीक्षकों की खुलेआम बल्ले बल्ले,तगड़ी सेटिंग व कमीशन खोरी के चलते स्वास्थ्य केंद्रों पर लटक रहे भारी भरकम ताले !
जनपद के विभिन्न विकास खंडों के अंतर्गत यदि बात की जाए चिकित्सा प्रभारियों की तो
चौबेपुर अधीक्षक डा यशोवर्धन सिंह, शिवराजपुर डा अनुज दीक्षित, ककवन डा धर्मेन्द्र राजपूत,बिल्हौर डा दिलीप सचान,पतारा डा नीरज,सरसौल डा रमेश गौतम,घाटमपुर डा कैलाश चन्द्र,कल्याणपुर डा अरविंद यादव,भीतरगांव डा मनीष,विधनू डा जितेन्द्र, इत्यादि चिकित्सा प्रभारियों में किसी को तीन साल, किसी को पांच साल, तो किसी को नौ से दस सालों से अधिक होने का समय आ गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई सुध नहीं ली गई ।
यदि बात की जाए बिल्हौर तहसील के शिवराजपुर व चौबेपुर व घाटमपुर के पतारा व भीतरगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सा प्रभारियों की जिनके कार्य क्षेत्रों में अभी तक स्थानांतरण प्रक्रिया अपनाई जा सकी है,जो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली व्यवस्थाओं पर बहुत ही सोचनीय एवं विचारणीय प्रश्न चिन्ह है ! आखिर ऐसा क्या कारण है कि इन लम्बे अरसों से विराजमान डाक्टरों का ट्रांसफर हो सम्भव नहीं क्यों? शासन व विभाग आखिर मौन क्यों?, इन बातों का जवाब शायद ‌ भविष्य गर्त में दिख रहा है ।

स्थानांतरण प्रक्रिया पर क्या बोले जनपद सीएमओ डा आलोक रंजन

जब चिकित्सा प्रभारियों के लम्बे समय से एक ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती को लेकर सीएमओ से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि यह स्थानांतरण प्रक्रिया मेरे हाथ अर्थात मेरे वश में नहीं है,यह कार्य शासन स्तर से होता है,आप किसी दिन कार्यालय आ जाएं सबकुछ अवगत करा दिया जाएगा।

Global Times 7

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