उत्तर प्रदेशलखनऊ

महिला अपराधो में तीन वकीलों को तिकड़ी बनी मिसाल !

एक साल में 78 दोषियों को सजा,15 को आजीवन कारावास व दो को मृत्युदंड,महिला एसपी की सक्रियता भी रही अहम

जीटी-70017, राम प्रकाश शर्मा ब्यूरोचीफ औरैया।
28 जून 2023

#औरैया।

जिले में महिला अपराधों पर न्यायालय से लगातार अपराधियों की सजा मिल रही है। इन मामलों में सबसे अहम डीजीसी अभिषेक मिश्रा एडवोकेट की बेहतर पैरवी मानी जा रही है। इसके साथ ही पॉक्सो के मामलों डीजीसी के सहयोगी वकील जितेंद्र तोमर व मृदुल मिश्रा की संयुक्त तिकड़ी बीते चार माह में दो दुष्कर्मियों को मौत की सजा करवा चुके है। साल भर में महिला संबंधी अपराधो में 78 दोषियों को सजा सुनाई गई जिसमें दो को फांसी व 15 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
जिले में कानून व्यवस्था की कमान बीते कुछ सालों से महिलाओं के ही हाथ रही है। 2018में सुनीति के बाद अपर्णा गौतम व बीच में अभिषेक वर्मा के बाद फिर से जिले में एसपी महिला ही नियुक्त की गई। एसपी चारु निगम ने भी महिला अपराधों के खिलाफ सख्ती दिखाई। जिले में अब तक चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं जिले के पुलिस अधिकारियों की सजग पैरोकरी के चलते एक वर्ष में महिला सम्बंधी अपराधों में 78 दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है। जिसमें दो को मृत्युदंड, 15 को आजीवन कारावास, 20 को 10 वर्ष व अधिक कारावास, आठ को सात वर्ष व अधिक कारावास एवं 33 को तीन वर्ष व अधिक कारावास की सजा दी गयी है। औरैया जिले के गठन 1997 में हुआ था। जिसके बाद जिले में सबसे पहले साल 2007 में फफूँद में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक एस. सी. मिश्रा ने दोषी को सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 एकतरफा प्रेम में पागल युवक द्वारा घर में घुसकर किशोरी की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद थाना बिधूना क्षेत्र में तीन साल की मासूम से रेप के दोषी को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो मनराज सिंह ने फरवरी 2023 में फांसी की सजा सुनाई थी। बिधूना में अक्टूबर 2021 में दोषी बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने रिश्तेदार के घर ले गया था। जहां उसके साथ रेप किया था। बच्ची को बहुत सारी अंदरूनी चोटों के अलावा उसका प्राइवेट पार्ट भी बुरी तरह जख्मी हो गया था। केजीएमयू में कई माह के इलाज के बाद बच्ची अस्पताल से घर वापस आयी थी। वहीं आज (बुधवार) को अयाना क्षेत्र में तीन माह पूर्व बकारी चराने गयी आठ वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसला कर उसके साथ दुष्कर्म व हत्या कर शव को छुपाने के मामले में पुलिस द्वारा की गयी सजग पैरवी के चलते बुधवार को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो मनराज सिंह ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। इन सभी में डीजीसी अभिषेक मिश्रा,विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र तोमर व मृदुल मिश्रा की बेहतर दलील व पैरवी मानी जा रही है। डीजीसी अभिषेक मिश्रा का कहना है की महिला अपराधों पर सरकार सख्त है और ऐसे अपराधियों को सजा दिलाने से एक अच्छे समाज की स्थापना हो सकेगी और अपराधियों को सजा से आगे अपराधो पर भी रोक लगेगी और लोग दुषासहस नही कर सकेंगे। एसपी चारु निगम ने बताया की ऐसे मामले में पुलिस हमेशा सतर्क रहती है ऐसे मामले में सख्ती से पेश आ रही है।

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