उत्तर प्रदेशलखनऊ

देश का इकलौता मंदिर जहां महिला पुजारी करती पवन तनय आराधना!

ग्लोबल टाइम 7
न्यूज़ नेटवर्क
उन्नाव
फुन्नी त्रिपाठी

उन्नाव तहसील बीघापुर गौरी स्थापना दिवस आज देश का इकलौता हनुमान मंदिर जहां विधवा महिला के साथ में पूजा-अर्चना की कमान राष्ट्रीय संत मोरारी बापू की व्यासपीठ के स्थान पर वर्ष 2007 में प्राण प्रतिष्ठित हुई थी हनुमान जी के ध्यान मुद्रा की मूर्तिभक्तों को निष्काम पूजा के लिए प्रेरित करता है मंदिर में हनुमान जी का प्राण प्रतिष्ठित यह विग्रह

बीघापुर। क्षेत्र के गौरी गांव स्थित पवन तनय मंदिर में हनुमान जी की ध्यान मुद्रा की मूर्ति भक्तों को मोहित करने वाली है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। देश में यह इकलौता ऐसा हनुमान मंदिर है जो महिलाओं के लिए हनुमान जी की आराधना के निषेध की पुरानी वर्जना को तोड़ता है। मंदिर में विधवा महिला पुजारी विगत 17 वर्षों से हनुमान जी की पूजा कर रही हैं।
कस्बे से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर उन्नाव-रायबरेली हाईवे के किनारे वर्ष 2007 में पवन तनय मंदिर का भव्य निर्माण हुआ था। स्थापना के बाद से ही पवन तनय मंदिर भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आमतौर पर मंदिरों में हनुमान जी के विभिन्न विग्रह वाली मूर्तियां तो स्थापित की जाती हैं लेकिन ध्यान मुद्रा की मूर्ति कहीं देखने को नहीं मिलती। मंदिर में हनुमान जी का 5 फुट ऊंचा विशाल ध्यान मुद्रा विग्रह स्थापित है। कहा जाता है कि यह विग्रह भक्तों को निष्काम पूजा के लिए प्रेरित करता है।
कुछ आचार्यों द्वारा महिलाओं के लिए हनुमान जी की पूजा आराधना निषेध बताई गई है लेकिन पवन तनय मंदिर में स्थापना के बाद से ही विधवा महिला श्रीमती शैल अवस्थी पुजारी का दायित्व निभा रही हैं। मंदिर में खास और आम सभी दिनों में पूजा-विधान शैल अवस्थी द्वारा ही संपन्न किए जाते हैं। महिला पुजारी की नियुक्ति से पवन तनय मंदिर इस पुरातन वर्जनाओं को भी तोड़ रहा है, जिसमें महिलाओं के लिए हनुमान जी की पूजा को निषेध करार दिया गया है।

संत मोरारी बापू व्यासपीठ के स्थान पर बना मंदिर

बीघापुर। गौरी गांव में वर्ष 2003 में 18 से 26 नवंबर तक राष्ट्रीय संत मुरारी बापू की रामकथा संपन्न हुई थी। इस कथा के मुख्य यजमान जनपद के शिक्षाविद एवं समाजसेवी कमला शंकर अवस्थी थे। पवनतनय मंदिर सेवा न्यास के सचिव गौरव अवस्थी ने बताया कि कथा के दौरान जिस स्थान पर मोरारी बापू की व्यासपीठ बनाई गई थी, उसी स्थान पर पवन तनय मंदिर का निर्माण स्व. अवस्थी ने जनपद और क्षेत्र वासियों के सहयोग से संपन्न कराया। संत मोरारी बापू हनुमान जी के ध्यान मुद्रा विग्रह की ही पूजा आराधना करते हैं। इसीलिए पवन तनय मंदिर में यही विग्रह प्राण प्रतिष्ठित किया गया।धूमधाम से मनाया जाएगा स्थापना दिवस

बीघापुर। पवन तनय मंदिर का 17वां स्थापना दिवस (2 मई) विधि विधान से मनाया जाएगा। सुबह विधि विधान से पूजन अर्चन के बाद सुंदरकांड का पाठ होगा। इसके बाद प्रसाद वितरण भी होगा।

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