अवैध वसूली के खिलाफ 26 दिसम्बर को रिफाइनरी के बिजली विभाग के मजदूर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे ।

गोपाल चतुर्वेदी
ग्लोबल टाईम्स 7 न्यूज
मथुरा
रिफाइनरी में अवैध वेतन वापसी का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है । रिफाइनरी के 156 संविदा श्रमिकों ने लिखित में शिकायत की है कि बर्षों से उनसे ठेकेदार 40 से 60 फीसदी वेतन वापस बसूलते हैं । रिफाइनरी के विजिलेंस विभाग में इसकी जांच चल रही है तथापि ठेकेदार हरकतों से बाज नहीं आ रहे । मजदूरों को वेतन वापसी के लिए मजबूर करने के खिलाफ 26 दिसम्बर को रिफाइनरी के विद्युत विभाग के संविदा श्रमिक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे । उल्लेखनीय है कि दिनाँक 23 दिसम्बर को रिफाइनरी के इलेक्ट्रिकल ट्रेड में काम करने वाले 5 संविदा श्रमिकों भगत सिंह, आकाश सिंह, पुष्पेंद्र, राजपाल और विवेक सारस्वत को वेतन वापसी के लिए ठेकेदार मैसर्स कुमार इलेक्ट्रिकल के मुकेश शर्मा और सुपरवाइजर नरेंद्र कुमार ने मारपीट करके उनसे उनके गेट पास छीन लिए थे जिस घटना की सूचना पुलिस को तत्काल दी गयी थी । कुछ दिन पूर्व एक अन्य संविदा श्रमिक गोपाल को भी दूसरी साइट पर वेतन वापसी के लिए ठेकेदारों के गुंडों ने मारा था जिसमें उसका दांत टूटा और दो पसलियों में फ्रेक्चर आया था । उस घटना का मुकदमा 384, 325 आईपीसी में थाना रिफाइनरी में दर्ज है । आज पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन की रोकड़िया हनुमान मंदिर गेट नम्बर 9 पर हुई मीटिंग में निर्णय लिया गया कि 23 दिसम्बर की घटना के पीड़ितों से एकजुटता दर्शित करते हुए विद्युत विभाग के करीब 50 संविदा श्रमिक 26 दिसम्बर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे । बैठक में कई मजदूरों ने शिकायत की कि उनके ठेकेदार वेतन वापसी की गवाही न देने के लिए उनपर दबाब बना रहे हैं , धमकी दे रहे हैं और उत्पीड़न कर रहे हैं । रिफाइनरी में इस घोर अमानवीय स्थिति के विरुद्ध श्रमिक इस बार आर पार की लड़ाई के मूड में हैं । यूनियन के अध्यक्ष मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश के फैसले से प्रबंधन को अवगत कराते हुए मांग की है कि निकाले गए श्रमिकों को बहाल किया जावे, संबंधित ठेकेदार और उसके गुंडों को दंडित किया जावे तथा अब तक प्रतिमाह अवैध रूप से बसूली गयी लाखों रुपया मजदूरी मजदूरों को वापस दिलाई जावे ।
मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट
अध्यक्ष
पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स मथुरा रिफाइनरी यूनिट.






