उत्तर प्रदेश

जो बेंच कर जमीर अपना बैठे हैं, कुर्सी पर !


आज वो लोकतंत्र के स्तंभ को खरीदने बात कर करते हैं!
ग्लोबल टाइम्स7 न्यूज नेटवर्क

लखनऊ

आज कल पत्रकारिता पर कीचड़ उछालने के बढ़ते हुए शिलशिले पर थोड़ा एक नजर डालें !


जो उछाल रहे इज्जत हमारी भरी बाजार में
वो बैठे पहले से ही बिके बाजार में!


पत्रकार व मीडिया के ऊपर कीचड़ उछालने से पहले एक बार अपने गिरेबां में झांको ,, महाराज अगर पत्रकारिता टके भाव बिकती है,, तो सवाल यह है, की उसकी कीमत कौन और क्यों लगा रहा है,, यह कभी आपने सोचा !

आप किसी भी विभाग में जाइये स्वस्थ विभाग हो या शिक्षा विभाग शुरक्षा विभाग हो या भू राजस्व खाद्य एवं रसद विभाग हो सर से पाँव तक भरस्टाचार में डूबे कर्मचारी अधिकारी आपको मिलेंगे यहाँ तक कुपोषण का राशन तक कुपोषित महिला बच्चों तक नहीं पहुंचने दे रहे! अब ऐसे में पत्रकार क्या और कितना लिखेगा मीडिया क्या और कितना दिखायेगा ,बड़ा सवाल यह है, कितना दिखाने दिया जाएगा और आप कितना सच बर्दास्त कर सकते हैं।

उन कुर्सी पर बैठे अधिकारियों कर्मचारियों से सवाल!
जिनके ऊपर जनता के सेवा का भार लोकतंत्र ने दे रखा है,, जो अक्सर कहते मीडिया बिकी हुई है!

आप सभी को सरकार द्वारा लाखों रुपए की सैलरी दी जा रही है, दुनिया सुख सुविधाये दी जा रही है,,फिर भी आप ईमानदारी से अपना काम क्यों नहीं कर पा रहे आपको चोरी बेईमानी घुंसखोरी क्यों करना पड़ रहा है, सरकार दिए हुए बजट जनता के टेक्स के पैसों धज्जियां क्यों उड़ा रहे हैं, जबाब है।,, ?
हां अच्छी बात है, की आपकी योग्यता काबलियत ने आपको वहाँ पहुंचाया लेकिन आप यह मत भूलें यह भारत है, यहाँ प्रतिभाओं की कमी नहीं आपसे भी काबिल युवा सङको पर लाठियां खा कर आज भी भारत माता जी जय बोल रहे हैं!

रही बात नेताओं की तो उनको तो जनता ठेके पर पाँच साल के लिए चुनती है,, पर आप का तो लाइफटाइम निष्पक्ष सेवा समर्पण अग्रीमेंट रहता है ,, फिर क्यों आप इतनी बड़ी मक्कारी होने दे रहे हैं,,आप तो पढ़ लिखकर आए हैं!

चार दिन सरकार सेलरी नहीं देती तो तिलमिला जाते हैं, दुनिया की यूनियन खड़ी कर देते हैं, पर बजट का पैसा आता है,, तो आपकी आंख बंद हो जाती अनलीगल रिलेशन टेंडर फर्जी प्रोफ़ाइल पर दलालों को पयेमेंट क्यों होने देते हैं!
क्या सपथ लेते समय अपने यह निश्चय किये था कि डाकू कुर्सी पर बैठेंगे तो उनके साथ मिलकर देश को लूटगें और जनता को ऑफिसों के चक्कर लगवाएंगे और कहते हैं,,पत्रकार मीडिया बिकी हुई है!

जितने दोषी देश के भ्र्ष्ट नेता और मंत्री हैं,, उससे कहीं ज्यादा दोषी आप सभी हैं!…….क्यों कि भरस्टाचार का खाका आप तैयार करते हैं,, क्रियान्वयन भी आप ही करते हैं।

अरे पत्रकार और मीडिया ही है,, जो किसी न किसी रूप में देश के साथ जनता और आपके साथ निःस्वार्थ खड़ी होती है!
वर्ना आपसे सबसे बड़ी दलाली गद्दारी एक पत्रकार के कलम की स्याही में नहीं होता आगर आप में दम है,,, सच बताने की तो एक पत्रकार में दम होता है, सच दिखाने की किर्पया किसी पत्रकार कलमकार को गाली देने य अपमानित करने कुत्शित प्रयास न करें क्योंकि इतिहास गवाह है,, जब जब कलम उठी इन्क्लाब लिख दिया…..


अंत में दो लाइन आपको समर्पित!


शिकायत आपसे नहीं दोस्त आपके कारनामों से है!
छलांगे ऊंची लगाते हो ,, इल्जाम हम पर लगाते हो!
बदनाम सरकार को करते हो, मिलकर सफेद पोश डाकुओं के साथ देश के ही भीतर घात करते हो!
कहते हो मीडिया बिकी हुई है!…….. जय हिंद!
संजय सिंह!

Global Times 7

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