कूड़ा करकट में आग न फेंकें, किसानों की फसल और गांव को कर सकती है बर्बाद– नवीन दीक्षित

ग्लोबल टाइम्स-7
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न्यूज़ नेटवर्क टीम
कानपुर देहात
कानपुर देहात
खेतों में फसलें पकी खड़ी हुई हैं ऐसे में कूड़े करकट में आग न लगाएं कूड़े में दबी पकी हुई आग में धुआंँ नहीं उठता जिससे कूड़ा जब घूरे में या गांव से बाहर फेंका जाता है तो इसमें दबी आग विकराल रूप धारण करके हमारे ग्राम देवता किसानों द्वारा भयंकर सर्दी में उगाई गई मेहनत की कमाई की फसल को पलभर में राख बना सकती है इसलिए जलती हुई बीड़ी सिगरेट भी बुझाकर ही फेंक कर अपने राष्ट्र की सम्पत्ति को सुरक्षित रखने का दायित्व निर्वाह कर सकते हैं उक्त बात पर्यावरण मित्र नवीन कुमार दीक्षित ने मंडी समिति रूरा के पास खेतों के पास कूड़े और हरे पेड़ में लगी आग को अपनी मोटर साइकिल से बाल्टियों में पानी भर भर के ले जाकर बुझाते हुए कही
इसलिए हर किसान देवता को चाहिए कि खेत के चारों तरफ की दसफुट अन्दर तक की फसल सबसे पहले काट लें जिससे बगल के खेत में अगर आग लगी हो तो बीच में रिक्त स्थान पड़ने से आग को आगे बढ़ने के लिए फसल ही नहीं मिलेगी और फसल की खाली जगह होने से दूसरे किसानों की जिंस तक आग नहीं पहुंच सकेगी
आगे नवीन दीक्षित ने कहा कि पश्चिम दिशा से लगी आग बहुत ही विनाशकारी होती है आग की अनेकों ह्रदय विदारक घटनाएं हो चुकी हैं इससे अनुभव लेते हुए हर राष्ट्र भक्त जिम्मेदार नागरिक को चाहिए कि सबसे पहले अनियंत्रित आग को बुझाने का प्रयास करने के बाद ही अपने गन्तव्य को प्रस्थान करे ।






