मानव मे मानवता और मानव एकता दोनों का होना आवश्यक – महात्मा अशोक
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न्यूज नेटवर्क
अनूप गौङ
जिला प़शासनिक संवाददाता
कानपुर देहात
10जनवरी 2023 *पुखरायॉा*
संत निरंकारी मिशन कानपुर जोन के जोनल कार्यालय सहायक महात्मा अशोक मारवाह ने कहा कि मानव में मानवता और मानव एकता दोनों का होना आवश्यक है ,प्रेम मानव से मानव को जोड़ता है उनमें एकता स्थापित करता है ।नफरतें लोगों को दूर करती हैं, उनके मन को अशांत करती है आज के इस युग में एकता और शांति संभव है ।
महात्मा अशोक मारवाह मंगलवार को पुखरायाॅ के सराफं बाजार स्थिति राम लीला चबूतरे मे निरंकारी आध्यात्मिक सत्संग को संबोधित कर रहे थे ।उन्होंने कहा कि प्रेम करुणा और परोपकार जब मानव के अंदर आ जाता है तो इंसानियत वा रूहानियत अपने आप आ जाती है ।अगर हम मनुष्य होकर मानवीय गुणों से दूर हैं मानवीय मूल्यों से परे हैं तो हम इंसान होते हुए इंसानी गुणों के बिना इंसान कहलाने के भी काबिल नहीं है ।क्योंकि इंसान बनना सिर्फ इस शरीर का होना नहीं है इंसान इंसानियत और इस दिल में जो भावना हैं उनके कारण हैं । हम हर एक को प्यार कर रहे हैं तो मनुष्य हैं दिल में एक दूसरे के लिए करुणा है दया है तो मनुष्य ।एक दूसरे के लिए यह भाव कि सामने वाले इंसान को हमारी वजह से कुछ आराम मिले तो मनुष्य है ।
महात्मा अशोक मारवाह जी ने कहा कि निरंकारी सतगुरु सुदीक्षा जी आज प्रेम एकता नम्रता की सीख दे रही हैं ।उन्होंने कहा कि हमें इस एक से नाता जोड़ना होगा तभी आत्मा और परमात्मा का मिलन हो पाएगा और आत्मा और परमात्मा जब मिल जाती है तो 84 लाख योनियों से छुटकारा मिल जाता है ।बार-बार जीवन मरण का झंझट खत्म हो जाता है। हमें प्रभु परमात्मा को जानकर व देखकर भक्ति करनी चाहिए तभी भक्ति सफल होती है ।आए थे इस एक से नाता जोड़ने लेकिन जोड़ बैठे सभी से नाता
फिर भक्ति पीछे छूट जाती है। महात्मा केसी निरंकारी ने कहा कि निरंकारी मिशन इस निराकार को जान कर वा इसका साक्षात्कार करवा कर ही भक्ति करने का प्रेरणा देता है ।आज निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा विश्व के 76 देशों में प्रेम एकता व नम्रता सहनशीलता वह मानवता की शिक्षा दे रही हैं । इस अवसर पर मोहन वर्मा हरबंस सिंह रामचंद्र शास्त्री विनीत कौशल पाल नंदकिशोर गुप्ता प्रजापति विश्वविद्यालय की प्रमुख ममता बहनजी उर्मिला देवी मां संतोषी उमा पुष्पा यादव ओम शांति बेटन संतोष गुप्ता प्रतीक गुप्ता रामबाबू पाल संतोष सचान प्रेम नारायण सचान आदि उपस्थित रहे






